जीएसटी पर सरकार जनता को घुमा रही : बच्चों की कॉपी-किताबें 6% तक महंगी

आगरा। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई अब और महंगी हो गई है। नई जीएसटी दरों ने स्कूल बैग, कॉपी और किताबों की कीमतों में सीधा इजाफा कर दिया है। सरकार भले ही यह प्रचार कर रही हो कि कॉपियों को करमुक्त कर दिया गया है, लेकिन असलियत यह है कि कागज पर 18% जीएसटी थोपने से कॉपी और किताब दोनों ही 6% से ज्यादा महंगी हो गई हैं। इससे सीधे तौर पर हर घर के बजट पर बोझ बढ़ेगा।

Sep 6, 2025 - 13:20
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जीएसटी पर सरकार जनता को घुमा रही : बच्चों की कॉपी-किताबें 6% तक महंगी

सरकार का दावा है कि कॉपी को करमुक्त कर दिया गया है, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी। लेकिन हकीकत इसके उलट है। करमुक्त वस्तुओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ नहीं मिलता। इस बीच कागज पर जीएसटी की दर 12% से बढ़ाकर 18% कर दी गई है।

जनता के साथ धोखा?

आगरा कागज व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष विजय बंसल का कहना है कि सरकार जनता को गुमराह कर रही है। कॉपी और किताबों को करमुक्त बताकर प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तव में कागज पर बढ़े टैक्स ने इनकी कीमतें आसमान पर पहुंचा दी हैं। शिक्षा सामग्री का महंगा होना सीधे-सीधे पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ है।

कॉपी निर्माता पर असर

विजय बंसल कहते हैं, कॉपी निर्माता को अब कागज 18% जीएसटी के साथ खरीदना पड़ेगा। पहले वह 12% पर कागज खरीदकर उसी दर पर कॉपी बेचता था, जिससे केवल निर्माण लागत पर ही कर देना पड़ता था। लेकिन अब बढ़ी हुई दरों से कॉपियों की कीमत 6% से अधिक बढ़ जाएगी।

प्रकाशकों पर भी मार

कॉपी की तरह किताबों पर भी असर पड़ा है। प्रकाशकों को अब 18% पर कागज खरीदना होगा। इससे उनकी लागत मूल्य सीधे तौर पर बढ़ेगी और किताबें भी कम से कम 6% महंगी हो जाएंगी।

सही मायनों में सरकार की नई जीएसटी नीति ने शिक्षा को सुलभ बनाने की जगह महंगा कर दिया है। कॉपी और किताबें दोनों ही अब 6% तक महंगी हो चुकी हैं।

SP_Singh AURGURU Editor