स्कूल बंद कर रही है सरकार: आगरा में कांग्रेस का ज़िला मुख्यालय पर हंगामेदार प्रदर्शन
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक और जूनियर स्कूलों को बंद कर उन्हें अन्य विद्यालयों में विलय करने के निर्णय के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने ज़िला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए जमकर नारेबाज़ी की और जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम ज्ञापन सौंपा।
शिक्षा के अधिकार पर हमला: कांग्रेस नेता
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अमित सिंह और जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार ने कहा कि योगी सरकार का यह फैसला पूरी तरह जनविरोधी और शिक्षा विरोधी है। 5000 स्कूलों का बंद होना हजारों छात्रों और कर्मचारियों के भविष्य पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि गांवों में स्कूल बंद होने से छोटे बच्चों को दूरस्थ गांवों में पढ़ने जाना पड़ेगा, जिससे ड्रॉपआउट की संख्या बढ़ेगी और गरीब तबके को शिक्षा से वंचित होना पड़ेगा।
रोज़गार छीन रही है सरकार
अमित सिंह ने तीखे लहजे में कहा, यह देश की पहली सरकार है जो स्कूल खोलने की जगह उन्हें बंद कर रही है। जो कर्मचारी इन स्कूलों में कार्यरत हैं, उनका रोज़गार छिनेगा। यह सरकार युवाओं, बेरोज़गारों और छात्रों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील है।
मंत्रियों के बच्चों को निकालो!
जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार ने चेतावनी दी, जिन मंत्रियों के बच्चे महंगे स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ रहे हैं, कांग्रेस उनके विरुद्ध आंदोलन करेगी। जब जनता के बच्चों को मजबूरी में शिक्षा से वंचित किया जा रहा है, तब नेताओं के बच्चों को विशेष सुविधा देना सरासर अन्याय है।
उन्होंने कहा कि स्कूल बंद करने के बजाय सरकार को वहां शिक्षा का स्तर सुधारना चाहिए, ताकि लोग सरकारी स्कूलों में बच्चों को भेजें। उन्होंने यह भी कहा कि आज लोग आतंकवाद से कम, जातंकवाद से ज्यादा मर रहे हैं।