सरकार बोली, एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई पर पेट्रोल डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में दो रुपये का इजाफा कर दिया है। सरकार ने पिछले साल आम चुनाव से ठीक पहले 14 मार्च को सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की कमी की थी। लेकिन उसके बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

Apr 7, 2025 - 17:30
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सरकार बोली, एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई पर पेट्रोल डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी


नई दिल्ली। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपये का इजाफा कर दिया है। सरकार ने भले ही पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। लेकिन इसका असर आम उपोक्ताओं  की जेब पर नहीं पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी का बोझ ऑयल कंपनियां वहन करेंगी। सरकार ने पिछले साल आम चुनाव से ठीक पहले 14 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की कमी की थी। दिल्ली में आज पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा है। मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकारी पीएसयू कंपनियों का कहना है कि एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी से पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। यानी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं होगा।

वित्त मंत्रालय ने इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी अब ₹13 प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल पर यह ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर हो गई है। आदेश में यह नहीं बताया गया है कि इसका खुदरा कीमतों पर क्या असर होगा। लेकिन इंडस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि खुदरा कीमतों में बदलाव होने की संभावना नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें गिर गई हैं। इसलिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती होनी चाहिए थी। बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी को उसी कटौती के बदले एडजस्ट किया जाएगा। नए रेट 8 अप्रैल से लागू हो जाएंगे।

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई। अमेरिकी बेंचमार्क कच्चा तेल 4% यानी 2.50 डॉलर गिरकर 59.49 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसी तरह ब्रेंट क्रूड (Brent crude) 2.25 डॉलर गिरकर 63.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमत में काफी गिरावट आई है। इससे ऑयल कंपनियों का रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ा है। यही कारण है कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की है। भारत दुनिया का तीसरा बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है। देश अपनी जरूरत का 87% कच्चा तेल आयात करता है।