यमुना तट पर ब्रज संस्कृति का शंखनाद, सात दिवसीय ब्रज सांस्कृतिक उत्सव का आगाज, हर रोज काशी जैसी यमुना आरती, भजन-लोकनृत्य के संग आस्था, कला और पर्यावरण संरक्षण का दिव्य संगम

आगरा। यमुना किनारा रोड स्थित यमुना आरती स्थल पर रविवार सायंकाल सात दिवसीय ब्रज सांस्कृतिक उत्सव का भव्य शुभारंभ आस्था, संस्कृति और पर्यावरण चेतना के अद्भुत संगम के साथ हुआ। उद्घाटन मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने विधिवत रूप से किया। पहले ही दिन उत्सव स्थल पर श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास की अनूठी छटा देखने को मिली।

Feb 23, 2026 - 11:42
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यमुना तट पर ब्रज संस्कृति का शंखनाद, सात दिवसीय ब्रज सांस्कृतिक उत्सव का आगाज, हर रोज काशी जैसी यमुना आरती, भजन-लोकनृत्य के संग आस्था, कला और पर्यावरण संरक्षण का दिव्य संगम
यमुना आरती स्थल पर रविवार सायं से प्रारंभ हुए एक सप्ताह के ब्रज सांस्कृतिक उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बाल कलाकार।

उत्सव में मौजूद महंत हरिहर पुरी, गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय।

काशी की परंपरा के अनुरूप वाराणसी से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा भव्य यमुना आरती संपन्न कराई गई। दीपों की सजी पंक्तियां, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार से यमुना तट भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने यमुना मैया की जय के गगनभेदी जयकारों के साथ आरती में सहभागिता की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की कड़ी में नृत्य ज्योति कथक केंद्र के बाल कलाकारों ने पारंपरिक कथक नृत्य की मनोहर प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं विशाल झा ने मधुर भजनों व गीतों से माहौल को भावविभोर कर दिया। समारोह स्थल पर ब्रज संस्कृति को दर्शाती आकर्षक झांकियों के स्टाल भी लगाए गए हैं, जो आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं।

उत्सव का विशेष आकर्षण तब देखने को मिला जब श्रीमनःकामेश्वर महादेव के महंत हरिहर पुरी अपनी दो छोटी गायों के साथ हवन में सम्मिलित हुए। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी रहा। यमुना आरती के महंत जुगल किशोर ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया, जबकि संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी अभिनव श्रोत्रिय ने संभाली।
कार्यक्रम स्थल पर वृंदावन के निधि वन की आकर्षक प्रतिकृति तैयार की गई है, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। नगर निगम द्वारा आरती स्थल से लड्डू गोपाल की प्रतिमा तक एक ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देता है।

गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय ने जानकारी दी कि यह ब्रज सांस्कृतिक उत्सव 28 फरवरी तक प्रतिदिन सायंकाल आयोजित होगा। प्रत्येक दिन भव्य यमुना आरती के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
रिवर कनेक्ट अभियान से जुड़े डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, चतुर्भुज तिवारी, ज्योति खंडेलवाल, पद्मिनी अय्यर और मुकेश ने यमुना भक्तों, प्रकृति प्रेमियों, पर्यावरण संरक्षकों और धरोहर अनुरागियों से अपील की है कि वे 28 फरवरी तक प्रतिदिन सायंकाल इस उत्सव में सहभागिता करें।

मधुर भजन एवं संध्या की स्वर लहरियां। दैनिक भव्य यमुना आरती। लोक संगीत एवं पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियां। संतों एवं विद्वानों के आध्यात्मिक प्रवचन। कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां। ज्ञानवर्धक विचार गोष्ठियां। पारंपरिक मेला एवं हस्तशिल्प बाजार इस उत्सव की प्रमुख विशेषताएं हैं।

आयोजकों के अनुसार यह उत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ब्रज की पावन धरा, यमुना मैया और समृद्ध विरासत के सम्मान का जीवंत प्रतीक है। समारोह प्रतिदिन सायंकाल यमुना आरती स्थल, यमुना किनारा रोड, आगरा पर आयोजित होगा। आगरा वासियों से आग्रह किया गया है कि वे परिवार और मित्रों सहित इस अद्भुत सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बनें।

SP_Singh AURGURU Editor