ज्ञान, सम्मान और भविष्य दृष्टि का भव्य संगमः दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के 44वें दीक्षांत में डिग्रियों की बरसात, ‘विकसित भारत’ का दिया गया मंत्र

आगरा। ताजनगरी के शैक्षणिक गौरव दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में शनिवार को 44वां दीक्षांत समारोह अत्यंत भव्य और गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर हजारों विद्यार्थियों को विभिन्न उपाधियों से सम्मानित किया गया, वहीं मुख्य अतिथि के प्रेरक संबोधन ने युवाओं को ‘विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प भी दिलाया।

Apr 4, 2026 - 17:51
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ज्ञान, सम्मान और भविष्य दृष्टि का भव्य संगमः दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के 44वें दीक्षांत में डिग्रियों की बरसात, ‘विकसित भारत’ का दिया गया मंत्र
डीईआई के 44वें दीक्षांत समारोह में मंचस्थ मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव, डीईआई के अध्यक्ष गुरु सरूप सूद एवं अन्य।

डीईआई के दीक्षांत समारोह में उपाधियां प्राप्त करते मेधावी। 

डिग्रियों और मेडल की ऐतिहासिक वर्षा

दोपहर 2:30 बजे दीक्षांत हॉल में शुरू हुए इस समारोह में 88 डायरेक्टर मेडल (डायरेक्टर मेडल), 02 प्रेसिडेंट मेडल (प्रेसिडेंट मेडल), 109 पीएच.डी. (पीएचडी), 1560 अंडरग्रेजुएट डिग्री (अंडरग्रेजुएट डिग्री), 616 पोस्टग्रेजुएट डिग्री (पोस्टग्रेजुएट डिग्री), 70 पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा (पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा), 543 इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, 63 एलिमेंट्री एजुकेशन डिप्लोमा, 232 हाईस्कूल, 280 इंटरमीडिएट तथा 519 सर्टिफिकेट कोर्स (सर्टिफिकेट कोर्स) की उपाधियां प्रदान की गईं।

दीक्षांत समारोह में मौजूद गुरु महाराज प्रो. पीएस सतसंगी एवं रानी साहिबा। 

विशिष्ट सम्मान से नवाजे गए दिग्गज

इस अवसर पर डीईआई विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार (डीईआई एलुमनाई अवॉर्ड) सिंगापुर स्थित डेस्टर कंसल्टिंग (डेस्टर कंसल्टिंग) के मैनेजिंग डायरेक्टर खुशी राम को प्रदान किया गया। वहीं एसएसआई लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड (लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड) प्रो. एस. महेंद्र देव को दिया गया।

मुख्य अतिथि ने दिया ‘विकसित भारत’ का विजन

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव ने अपने दीक्षांत भाषण में वैश्विक चुनौतियों, भू-राजनीतिक संघर्ष (जियो-पॉलिटिकल वॉर्स) और व्यापारिक शुल्क (टैरिफ्स) के प्रभावों का उल्लेख करते हुए छात्रों से नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का समय चुनौतियों के साथ-साथ अवसरों से भी भरा है, और युवा शक्ति ही दुनिया को नई दिशा दे सकती है।

सतत विकास और हरित औद्योगीकरण पर जोर

मुख्य अतिथि ने सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट), जलवायु अनुकूलन और हरित औद्योगीकरण (ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन) को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए जीवनशैली में व्यापक बदलाव की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने दयालबाग मॉडल को ‘लाइफ’ (समग्र सतत विकास के लिए जीवनशैली) के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में सराहा।

संस्थान की प्रगति रिपोर्ट ने खींचा ध्यान

संस्थान के निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन ने प्रोग्रेस रिपोर्ट (प्रोग्रेस रिपोर्ट) प्रस्तुत करते हुए बताया कि डीईआई विविधता, समानता और समावेशिता के मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि संस्थान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित पहल शुरू की गई है, जिससे छात्र आधुनिक तकनीकी कौशल हासिल कर सकें।

हरित ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय मान्यता में अग्रणी

संस्थान द्वारा 14 सौर ऊर्जा संयंत्र (सोलर प्लांट) संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता 1 मेगावाट पीक (एमडब्ल्यूपी) है। साथ ही, संस्थान को हाल ही में आईएसओ 21001:2018 (आईएसओ प्रमाणन) से सम्मानित किया गया है, जो इसकी गुणवत्ता शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गरिमामयी उपस्थिति और सांस्कृतिक छटा

दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता संस्थान एवं राधास्वामी सत्संग सभा के अध्यक्ष गुर सरूप सूद ने की। कार्यक्रम में गुरु महाराज प्रो. पी.एस. सत्संगी साहब एवं रानी साहिबा की विशेष उपस्थिति रही। शैक्षणिक जुलूस का नेतृत्व रजिस्ट्रार प्रो. संजीव स्वामी ने किया।
समारोह के अंत में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसकी सभी अतिथियों ने सराहना की। कार्यक्रम का प्रसारण देश-विदेश में स्थित डीईआई के सभी केंद्रों तक किया गया।

SP_Singh AURGURU Editor