श्री वरद वल्लभ गणपति मंदिर में भव्य गणेश उत्सव : भक्तों को होंगे 101 किलो मोदक के दर्शन
आगरा। श्रद्धा और उत्साह का अनोखा संगम इस बार आगरा-फिरोजाबाद रोड स्थित श्री वरद वल्लभ गणपति मंदिर में दिखाई देगा। गणेश चतुर्थी 27 अगस्त से शुरू होकर 10 दिन तक चलने वाले इस गणेश उत्सव में भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनेगा 101 किलो वजनी मेवा मोदक, जिसके दर्शन का सौभाग्य हर भक्त को मिलेगा।
मंदिर के संस्थापक एवं एनआरएल ग्रुप के चेयरमैन हरिमोहन गर्ग ने बताया कि उत्सव दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार सम्पन्न होगा। गणेश चतुर्थी के दिन प्रातः 5 बजे दूध, दही, घी, चंदन और नारियल पानी से गणपति का महा-अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद गणपति बप्पा स्वर्ण श्रृंगार कर गुलाबी आभा में भक्तों को दर्शन देंगे। दिनभर मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे और विशेष हवन का आयोजन भी होगा।
विशाल मोदक मंदिर की रसोई में मेवे और शुद्ध सामग्री से विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। भक्त इसके दर्शन पूरे उत्सव में कर सकेंगे और अंतिम दिन इसे प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर में विशेष बैरिकेडिंग और विद्युत सज्जा की जा रही है।
मंदिर में स्थापित वरद वल्लभ गणपति की प्रतिमा अद्भुत है। इसे पद्मश्री पेरूमल सत्पति ने ब्लू ग्रेनाइट पत्थर से एक वर्ष तक अनवरत तराश कर बनाया था। प्रतिमा चार फुट ऊंची और तीन टन वजनी है, जिसे क्रेन की मदद से मंदिर में स्थापित किया गया। 10 फुट ऊंचे सिंहासन पर विराजमान गणपति का दर्शन भक्तों के लिए अद्वितीय अनुभव कराता है। हाल ही में मंदिर परिसर में हनुमान जी की प्रतिमा भी स्थापित की गई है।
यह गणेश उत्सव न केवल भक्ति का प्रतीक बनेगा बल्कि आगरा शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को भी और अधिक भव्यता प्रदान करेगा।