ब्रज रज उत्सव का भव्य शुभारंभः पहले दिन ‘द डिवाइन कृष्णा’ की नृत्य नाटिका की अलौकिक प्रस्तुति
मथुरा। श्रीकृष्ण जी की पावन भूमि मथुरा में रविवार को धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड पर ब्रज रज उत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, विधायक बलदेव पूरन प्रकाश, मांट विधायक राजेश चौधरी, गोवर्धन विधायक मेघश्याम सिंह, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्याम बहादुर सिंह सहित कई गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से विशाल गुब्बारा उड़ाया और मंच पर दीप प्रज्ज्वलित किया।
अतिथियों का स्वागत ब्रज की परंपरा के अनुसार फूल-मालाओं, पगड़ी, पटुका और मंगल गीतों के साथ किया गया। मेले में लगे विभिन्न विभागों, स्वयं सहायता समूहों और हस्तशिल्प स्टॉलों का अवलोकन किया गया। ब्रज की लोक कलाओं, गौसेवा, ग्रामीण उत्पादों और चित्रकला से सजे स्टॉलों ने सभी का मन मोह लिया। ढोल, ढप और बीन की लय से पूरा परिसर गूंजता रहा। स्थानीय कलाकारों की टोलियों ने रसिया गीतों और मुरली वादन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंच के चारों ओर सजी दीपमालाएँ और रंगोलियाँ उत्सव की भव्यता में चार चांद लगा रही थीं।
मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा, ब्रज के कण-कण में संगीत और राधा-कृष्ण की लीलाएं बसती हैं। यही कारण है कि यहां की रज आज भी आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बनी हुई है। उन्होंने बताया कि दीपावली के बाद यह आयोजन उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा आयोजित सांस्कृतिक पर्वों में ऊंचाई पर पहुंच चुका है, और इसका महत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कई बार मान्यता प्राप्त कर चुका है।
इस मौके पर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव अरविंद कुमार द्विवेदी, ओएसडी प्रसून द्विवेदी, परिषद के एसीईओ मदन चंद्र दुबे, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, गीता शोध संस्थान वृंदावन के निदेशक प्रो. दिनेश खन्ना सहित अनेक वरिष्ठ और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनिल चतुर्वेदी ने किया।
‘द डिवाइन कृष्णा’ नृत्य प्रस्तुति
उत्सव के पहले दिन दर्शकों ने मंच पर क्लासिकल नृत्यांगना यास्मीन सिंह की प्रस्तुति “द डिवाइन कृष्णा” का आनंद लिया। घुंघरुओं की झंकार और शास्त्रीय लय के साथ, यास्मीन सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप से लेकर रासलीला तक की झलकियों को भाव और संगीत के अद्भुत संगम में प्रस्तुत किया। उनकी हर मुद्रा, दृष्टि और भावभंगिमा वृंदावन के रास और माधुर्य को जीवंत कर रही थी। जैसे-जैसे ताल बढ़ी, उनकी ऊर्जा और भावों का संगम दर्शकों को अलौकिक अनुभूति देने लगा।
कल 27 अक्टूबर 2025 को प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल अपनी भजन संध्या से श्रद्धा और भक्ति का नया रंग भरेंगे।