अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर में राम दरबार सहित छह नव देवालयों की भव्य प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या। श्रीराम नगरी अयोध्या में बुधवार को अध्यात्म और श्रद्धा का अद्वितीय संगम देखने को मिला, जब श्रीराम मंदिर के प्रथम तल पर भव्य राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर परिसर के अन्य नव निर्मित देवालयों में सामूहिक वैदिक अनुष्ठानों के साथ देव विग्रहों की प्रतिष्ठा संपन्न हुई। गंगा दशहरा के पावन दिन, अभिजित मुहूर्त में आयोजित इस अत्यंत पुण्य अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं उपस्थित रहे और श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमानजी के विग्रहों की प्रतिष्ठा में सहभागी बने।

Jun 5, 2025 - 17:57
 0
अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर में राम दरबार सहित छह नव देवालयों की भव्य प्राण प्रतिष्ठा

-सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने जन्मदिन पर रामलला के दर्शन-पूजन के उपरांत, प्रथम तल पर निर्मित रामदरबार की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए 

- मुख्य मंदिर परिसर में मौजूद रामदरबार के अतिरिक्त 6 मंदिरों में विराजमान किये गये गणपति, शिव, मां दुर्गा, मां अन्नपूर्णा, शेषावतार और बजरंगबली 

सफेद संगमरमर से निर्मित इन दिव्य प्रतिमाओं की छटा ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक आभा से मंडित कर दिया। वैदिक मंत्रों की ध्वनि, श्रद्धालुओं के जयघोष और वातावरण में व्याप्त भक्ति-भाव ने अयोध्या को एक बार फिर रामराज्य की अनुभूति से भर दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने अपने 53वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर गुरुवार को प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में भक्ति भाव से सराबोर होकर भगवान श्रीराम के चरणों में मत्था टेका। उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी जाकर श्रीबजरंगबली की पूजा-अर्चना की और फिर श्रीरामलला के दरबार में विधिपूर्वक दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री ने श्रीराम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित रामदरबार में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मां जानकी के साथ विराजमान प्रभु श्रीराम, उनके भ्राताओं भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न और प्रभु हनुमान की प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई। संपूर्ण मंदिर परिसर में भक्ति, भाव और उल्लास की त्रिवेणी बह रही थी।

गंगा दशहरा के पावन दिन हुआ भव्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान

गंगा दशहरा के पुण्य पर्व और अभिजित मुहूर्त में संपन्न इस त्रिदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिन, श्रीराम मंदिर परिसर स्थित सभी नव निर्मित देवालयों में विधिवत प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री ने स्वयं यज्ञमंडप में आहूत देवताओं का पूजन किया और सभी देव विग्रहों में प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अनुष्ठान में भाग लिया।

प्रमुख प्रतिष्ठित देवालयों में शेषावतार मंदिर, ईशान कोण पर स्थित शिव मंदिर, अग्निकोण में गणपति, दक्षिणी भुजा में हनुमानजी, नैऋत्य कोण में सूर्यदेव, वायव्य कोण में मां दुर्गा और उत्तरी भुजा में अन्नपूर्णा माता के मंदिर शामिल रहे। इन सभी देव विग्रहों को सफेद संगमरमर से सुसज्जित किया गया है, जो उनकी दिव्यता को और अधिक प्रभावशाली बनाता है।

श्रद्धालुओं से मिले आशीर्वचन, गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष

मुख्यमंत्री के आगमन पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर ओर से "जय श्रीराम" के जयघोष गूंजते रहे। भक्तों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाइयां दीं और उनके स्वस्थ, दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भक्तों का स्नेहपूर्वक अभिवादन किया और प्रदेश व देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की।

इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, महासचिव चंपत राय, स्वामी गोविंद देव गिरिजी महाराज समेत अनेक संत-महात्मा और गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 

SP_Singh AURGURU Editor