संत दुर्बलनाथ की शिक्षाओं संग निकली भव्य शोभायात्रा, 51 झांकियों, 151 मंगल कलश और बैंड रहे शामिल

आगरा। राष्ट्रीय संत शिरोमणि श्री श्री 1008 दुर्बलनाथ जी महाराज के 164वें जन्मोत्सव पर मंगलवार को आगरा शहर सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा। खटीक समाज द्वारा आयोजित दसवीं विशाल शोभायात्रा  निकाली गई। 51 झांकियों, सूरत और नासिक के बैंड, भक्ति गीतों और पुष्प वर्षा से शोभायात्रा धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का संदेश देती हुई निकली।

Sep 3, 2025 - 20:57
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संत दुर्बलनाथ की शिक्षाओं संग निकली भव्य शोभायात्रा, 51 झांकियों, 151 मंगल कलश और बैंड रहे शामिल
शोभायात्रा में रामलला की सजीव झांकी और महाकाल नंदी की भव्य सवारी। नीचेकैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, सांसद भोला सिंह और भाजपा नेता ओमप्रकाश चलनी वाले संत दुर्बलनाथ की शोभायात्रा का शुभारंभ करते हुए।

शोभायात्रा का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, सांसद भोला सिंह खटीक, वरिष्ठ भाजपा नेता ओमप्रकाश चलनी वाले, खटीक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष तेजेंद्र राजौरा और उपाध्यक्ष हेमंत चलनीवाले ने किया।

संत दुर्बलनाथ का संदेश और जनजागरण

सांसद भोला सिंह ने कहा कि संत दुर्बलनाथ ने जीवनपर्यंत समाज में चेतना और समरसता का संचार किया। वहीं, मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने उन्हें भारतीय संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों का पथ प्रदर्शक बताया। खटीक समाज के प्रदेश अध्यक्ष तजेंद्र राजौरा, भाजपा नेता ओमप्रकाश चलनीवाले और हेमंत चलनीवाले ने कहा कि संत दुर्बलनाथ का जीवन समाज सुधार और सद्भाव का प्रतीक है।

51 झांकियां और धार्मिक आकर्षण

इस बार शोभायात्रा में 51 झांकियां निकाली गईं। रामलला की झांकी, महाकाल नंदी की सवारी और अयोध्या दरबार दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहे। हर हर महादेव और जय श्रीराम के उद्घोषों से वातावरण गूंज उठा।

151 मंगल कलश लेकर निकलीं महिलाएं

पीत वस्त्र धारण किए 151 महिलाएं सिर पर मंगल कलश रखकर शोभायात्रा में शामिल हुईं। उनका संकीर्तन और भक्ति गीत पूरे मार्ग में श्रद्धा का माहौल बनाए रहे। संत आएंगे तो अंगना सजाएंगे... जैसे भक्ति गीतों पर नासिक और सूरत के बैंड ने सभी का मन मोह लिया। पूरे मार्ग पर बैंड की मधुर धुन और भक्तिमय स्वर गूंजते रहे।

शोभायात्रा का मार्ग और स्वागत

शोभायात्रा का प्रारंभ खटीक पाड़ा स्थित श्री दुर्गा मंदिर कमेटी हॉल से हुआ, जो हनुमान मंदिर तिकोनिया, घटिया चौराहा, फुब्बारा, सिंधी बाजार, कालीबाड़ी होते हुए बाबा दुर्बलनाथ बगीची पर संपन्न हुई। जगह-जगह पुष्प वर्षा और आरती कर श्रद्धालुओं ने बाबा की शोभायात्रा का स्वागत किया।

संत दुर्बलनाथ का जीवन परिचय

संत दुर्बलनाथ का जन्म 1861 में राजस्थान के बिचगांव में हुआ। बाल्यावस्था से ही ईश्वर साधना में लीन रहे और समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए आजीवन प्रयासरत रहे। उन्होंने खटीक समाज में आत्मज्ञान, समरसता और सद्भाव का संदेश देकर सामाजिक जागृति का मार्ग प्रशस्त किया।

शोभायात्रा में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

समारोह में संरक्षक मदन किशोर पलवार, उपाध्यक्ष जीतू बागड़ी, शिवकुमार शिंबबे, सुभाष चंद्र राजोरा, लक्ष्मण आशीवाल, मीडिया प्रभारी सत्य प्रकाश पलवार सहित बड़ी संख्या में समाजजन और संत दुर्बलनाथ सेवा समिति से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।

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SP_Singh AURGURU Editor