गुरु ग्रंथ साहिब का गुरगद्दी दिवस श्रद्धा के साथ मनाया गया, गुरबाणी के स्वर गूंजे
आगरा। वाह वाह बाणी निरंकार है तिस जेवड अवर ना कोए- इसी अमृतमयी वाणी के स्वर गूंजते रहे जब गुरुद्वारा दशमेश दरबार शहीद नगर/विभव नगर के सौजन्य से कोठी नंबर 23, माल रोड पर पावन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का गुरता गद्दी (गुरगद्दी दिवस) अत्यंत श्रद्धा, प्रेम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाशन भव्यता के साथ किया गया तथा रहरास साहिब का पाठ हुआ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में हरजिंदर सिंह और कश्लीन कौर ने शबद की हाजिरी लगाई। तत्पश्चात सुखमनी सेवा सभा के महेंद्रपाल सिंह ने अपनी अमृतमयी वाणी से संगत को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरबाणी का एक शब्द हमारा जीवन बदल सकता है, पर हम बाणी का एक शब्द भी नहीं बदल सकते। उन्होंने “वाह वाह बाणी निरंकार है” शब्द का गायन कर कहा कि जिसने बाणी को समझ लिया, उसने गुरु को समझ लिया।
इसके पश्चात प्रसिद्ध रागी भाई तेजिंदर सिंह (खन्ना वाले) ने “धुर की बाणी आई तिन सगली चिंत मिटाई” शब्द का गायन कर संगत को भावमग्न कर दिया। उन्होंने कहा कि कलयुग में केवल बाणी से जुड़ाव ही आत्मिक शांति और सच्चे मार्ग का आधार है। दरबार साहिब अमृतसर से पधारे भाई गुरप्रीत सिंह ने अपने अनमोल विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब विश्व का एकमात्र धर्मग्रंथ है जो सर्व-सांझीवालता का संदेश देता है, जिसमें सिख गुरुओं के साथ-साथ हिंदू, पीर-फकीर और भक्तों की वाणी का समावेश है।
समस्त कार्यक्रम का संचालन सौहार्द और सेवा भावना से हुआ। प्रमुख सेवादार भाई हरपाल सिंह ने प्रशासन, पुलिस विभाग, छावनी परिषद और शहर की समूची संगत का सहयोग हेतु आभार जताया। इस अवसर पर गुरुद्वारा दुख निवारण गुरु का ताल से महापुरुष संत बाबा प्रीतम सिंह और जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौलिया जी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने संगत को आशीष प्रदान की।
कार्यक्रम के अंत में गुरु महाराज के अटूट लंगर का वितरण हुआ, जिसमें सर्व धर्म के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया — जो एकता और मानवता का अनुपम उदाहरण बना।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रधान हरपाल सिंह, राजू सलूजा, मलकीत सिंह, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, गुरेंदर सिंह ओबेरॉय, इंदरजीत सिंह वाधवा, देवेंद्र सिंह जुल्का, सुरेंद्र सिंह लवली, आज्ञा सिंह, सुरेंद्र सिंह लाड़ी, प्रमोद अरोड़ा, ज्ञानी मंशा सिंह, कृपाल सिंह, संनी सिंह, राजवीर सिंह, हरजीत सिंह, गुरमीत सिंह सेठी, कवलदीप सिंह, जसवीर सिंह जस्सी, रमन साहनी, बंटी ओबेरॉय, बंटी चावला, परमजीत सिंह मक्कर, बॉबी आनंद, मिट्ठू वीर, हरजिंदर सिंह आदि मौजूद रहे।