जिम्नास्टिक्स 2026: बसंतोत्सव पर दयालबाग में अनुशासन, साहस और साधना का विराट प्रदर्शन, साधना–शक्ति–समर्पण के अद्भुत संगम में करतबों से गुंजायमान हुआ जिम्नास्टिक्स ग्राउंड
आगरा। बसंतोत्सव के पावन अवसर पर दयालबाग में जिम्नास्टिक्स 2026 का भव्य और अनुशासित आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। गुरु महाराज प्रो. प्रेम सरन सत्संगी के जिम्नास्टिक्स ग्राउंड पर आगमन के साथ ही वातावरण ऊर्जा, उत्साह और साधना भाव से ओत-प्रोत हो गया। दयालबाग के नवयुवकों एवं नवयुवतियों ने जिम्नास्टिक्स के माध्यम से शारीरिक सामर्थ्य, मानसिक संतुलन और सामूहिक अनुशासन का ऐसा सशक्त प्रदर्शन किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए।

जिम्नास्टिक्स 2026 का अवलोकन करते गुरु महाराज प्रो. प्रेम सरन सतसंगी और रानी साहिबा।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए गए हैरतअंगेज करतबों पर हर बार तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी। यह आयोजन केवल खेल प्रदर्शन नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण, साधना और सामूहिक प्रयास की जीवंत अभिव्यक्ति रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मार्च पास्ट एवं बैनर प्रदर्शन से हुई, जिसमें सभी सदस्य शामिल हुए। मोबिलाइजेशन अभ्यास में भी सभी सदस्यों की भागेदारी रही।
रोलिंग – 1 में आगे: नूर, सृष्टि, आदि, आरव | पीछे: प्रतीत, आख्या, चेतन, दर्श।
रोलिंग – 2 में आगे: अमृता, भक्ति, प्रसन, गुरु प्रीतम | पीछे: निज, उमंग, पी. शब्द, अचरज।
रोलिंग – 3 में आगे: उपाश, ज्योति, अमृत, सविनय | पीछे: आख्या, अनिमा, सत, सोहंग सत्संगी।
संयुक्त रोलिंग में अनिशा–निमित, नित्या–आरत, सार–बिंती, विधि–गुरु स्वामी।
क्रो वॉक में सभी बालक एवं बालिकाएं।
स्ट्रेचिंग लेग्स एवं ब्रिज फॉर्मेशन में सभी बालिकाएं।
हैंड स्टैंड एवं मार्चिंग में प्रेम, अनमोल।
कार्ट व्हील में दृष्टि, निज, निमित, आरत, यश, प्रमान।
सिंगल हैंड कार्ट व्हील में शब्द, आदि, चेतन, दृष्टि।
स्लो हैंड स्प्रिंग में दृष्टि, निज, विधि, शब्द, गुरु स्वामी आगे और दृष्टि, शब्द पीछे।
ब्रिज फॉर्मेशन एवं मार्चिंग में आगे: बिंती, विधि, शब्द, यश | पीछे: अनिशा, दृष्टि, आरत, सार, प्रतीत।
हैंड स्टैंड ओवर रोल में आगे: बिंती, दृष्टि, निमित, यश, प्रमान, आरत, अगम | पीछे: निमित, गुरु स्वामी।
15. संयुक्त हैंड स्टैंड ओवर रोल में दृष्टि और शब्द।
पैरेलल बार अभ्यास में आरत कोहली, अपार, प्रेम, अनमोल, यश, शुभांशु, कोमल, अक्षय सिंह, शब्द सहानी।
सरलीकृत योगासन में पद्मासन से शवासन तक कुल 16 योगासन हुए, जिसमें सभी प्रतिभागी शामिल हुए।
हॉरिजॉन्टल बार अभ्यास में अक्षय सिंह, अपार, प्रेम, यश, शुभांशु, शब्द, गुर मेहर, अनमोल, कोमल प्रसाद ने प्रतिभाग किया।
रस्सियां में ज्योति, सोहंग सत्संगी, अपार सहगल। रिंग्स में अक्षय सिंह, प्रेम, शुभांशु और जंप्स: कोमल, प्रेम, शब्द, अनमोल।
पिरामिड्स (एक्रोबैटिक जिम्नास्टिक्स) में दो से आठ बालकों तक कुल 15 पिरामिड संरचनाएं प्रदर्शित की गईं।
आज के आयोजन की सबसे आकर्षक विशेषता रही दयालबाग के सुसज्जित ऊंटों की सहभागिता, जिसने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
कार्यक्रम का समापन प्रार्थना के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान गुरु महाराज प्रो. प्रेम सरन सत्संगी की गरिमामय उपस्थिति से प्रतिभागियों का उत्साह चरम पर रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रसाद वितरण किया गया।
दयालबाग के ई-सतसंग केसकेड के माध्यम से इस विराट आयोजन का सजीव प्रसारण देश–विदेश के 580 से अधिक केंद्रों पर किया गया।