वन विभाग की टीम जंगल से भागी न होती तो अनहोनी हो सकती थी
आगरा। थाना जैतपुर क्षेत्र में बीती रात कछपुरा के जंगल में हरे पेड़ों के कटान की सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम अगर खतरे को भांप कर तुरंत वहां से भागी न होती तो कोई अनहोनी भी हो सकती थी। वन माफिया द्वारा उनकी गाड़ी तोड़े जाने पर ही उन्हें खतरे का आभास हो गया। रात का समय था इसीलिए रेंजर समेत पूरी टीम वहां से भाग कर थाने पहुंची और मामले से अवगत कराया।
थाना जैतपुर क्षेत्र के अंतर्गत गांव कछपुरा के पास जंगल और आसपास के इलाके में बीते दिनों से लगातार हरे वृक्षों की लकड़ी का कटान रात के समय किया जा रहा है। वृक्षों का कटान करने वाले लोगों को रंगे हाथ पकड़ने की लिए ही वन विभाग की टीम शुक्रवार की रात कछपुरा के पास जंगल में पहुंची थी।
सामाजिक वानिकी रेंजर जैतपुर अमित कुमार, वन दरोगा यतेंद्र कुमार और अनुज कुमार स्कॉर्पियो से मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंचे थे। गाड़ी को खड़ी करके वृक्षों के कटान वाले स्थान पर ब्लॉक रेंज में चले गए, जहां उन्हें कुछ पेड़ों की ताजा कटी हुई लकडियां दिखीं, लेकिन मौके पर कोई नहीं था। एक घंटे जंगल को खंगालने के बाद टीम वापस गाड़ी के पास पहुंची तो देखा कि गाड़ी तोड़ी जा चुकी थी। टायर कील ठोककर पंचर किए जा चुके थे।
वन विवाह के अधिकारियों को समझ में आ चुका था कि वे खतरे में हैं। रात का समय और जंगली क्षेत्र। रेंजर अपने सहयोगियों के साथ तत्काल वहां से भाग लिए और सीधे थाना जयपुर पहुंचकर मामले की जानकारी दी।
इस मामले में डिप्टी रेंजर धर्मेंद्र कुमार ने दिनेश कुशवाह पुत्र महावीर निवासी कछपुरा और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं गाड़ी में तोड़फोड़ करने की तहरीर दी है ।
बता दें कि बाह क्षेत्र में खनन माफिया हो या वन माफिया, कई बार सरकारी टीमों पर हमला बोल चुके हैं। पुलिस तक का खौफ़ नहीं है। पुलिस की टीमों पर भी हमला बोला जा चुका है। कुछ इसी तरह का खतरा बन विभाग की टीम को रात के समय जैतपुर क्षेत्र में रात के समय महसूस हुआ तो उन्होंने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई।