कट्टरता की बेड़ियों से बमुश्किल मिली आज़ादी: आगरा की एक बहन लौटी सामान्य स्थिति में

आगरा। बहुचर्चित धर्मांतरण मामले में शातिर गैंग के बहकावे में आकर इस्लाम अपनाने वाली आगरा की दो बहनों में से बड़ी बहन तो सामान्य स्थिति में लौट चुकी है, लेकिन छोटी इस कदर कट्टर इस्लामिक हो चुकी है कि वह अभी भी इस्लाम की ही रट लगाए हुए है। कोलकाता से बरामदगी और इनका धर्मांतरण कराने वाले गैंग के पकड़ में आने से पहले दोनों बहनें इस्लाम की कट्टर समर्थक थीं। वे इस्लाम अपनाने के फैसले से टस से मस होने को तैयार नहीं थीं। माता-पिता के आंसू भी दोनों बहनों के इरादों को नहीं बदलवा पा रहे थे।

Aug 22, 2025 - 21:20
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कट्टरता की बेड़ियों से बमुश्किल मिली आज़ादी: आगरा की एक बहन लौटी सामान्य स्थिति में

-बड़ी बहन तो पुलिस के बाद कोर्ट में भी बयान दर्ज कराकर गिरोह का काला चिट्ठा खोल चुकी है, फिलहाल छोटी के दिलोदिमाग में अभी भी इस्लाम है

दोनों बहनों के इस कट्टर स्वरूप को देखकर लग रहा था कि वे अब शायद ही घर वापसी करें, लेकिन आगरा पुलिस के प्रयास रंग लाए। लगातार हुई काउंसलिंग के बाद बड़ी बहन की की आंखें खुलीं और सब कुछ समझ में आने के बाद उसने पुलिस को वह सब बता दिया कि किस तरह उसे इस्लाम के रास्ते पर ले जाया गया। बड़ी बहन ने पुलिस को जो कुछ बताया है, वही कोर्ट में भी अपने बयान के रूप में दोहरा चुकी है।

यह आगरा पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है तो मां-बाप के लिए सुकून का वह क्षण है, जिसका वे लम्बे समय से इंतजार कर रहे थे। पुलिस द्वारा बरामद किए जाने के बाद तो दोनों बहनें अपने माता-पिता और पुलिस अधिकारियों पर दबाव डाल रही थीं कि वे तभी घर जाएंगी जब गैंग के पकड़े गये सदस्यों को छोड़ दिया जाएगा। इस दौरान आरोपियों को बेकसूर बताते हुए उनके पक्ष में दलीलें देती थीं।

पुलिस और परिवार की लगातार काउंसलिंग का असर

इस दौरान आगरा पुलिस ने लगातार दोनों बहनों से बातचीत और काउंसलिंग की। उन्हें उन लड़कियों से भी मिलवाया गया जो पहले इसी गैंग का शिकार हो चुकी थीं। माता-पिता भी निरंतर अपनी बेटियों से मिलते रहे। इन प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि अब बड़ी लड़की के दिलो दिमाग से इस्लाम निकल चुका है। सामान्य स्थिति में लौटने के बाद उसे समझ में आया कि कैसे उसे टारगेट किया गया।

बड़ी बहन बनी चुकी है केस की अहम गवाह

आगरा पुलिस के लिए यह एक बड़ी सफलता है। बड़ी बहन अब गैंग के खिलाफ अहम गवाह बन गई है। पुलिस बीते सप्ताह उसे कोर्ट में पेश कर उसके बयान भी दर्ज करा चुकी है। इससे पहले पुलिस ने भी बड़ी बहन के बयान दर्ज किए थे। बड़ी बहन के पुलिस और कोर्ट को दिए बयान एक समान बताए जा रहे हैं। बड़ी बहन ने पुलिस को विस्तार से बताया है कि कैसे वह इस गिरोह के जाल में फंसी और इस्लाम अपना लिया और बाद में अपनी छोटी बहन को भी उसी रास्ते पर ले गई।

बड़ी बहन पर तो काउंसलिंग का असर हुआ और वह सामान्य स्थिति में लौट आई है, लेकिन छोटी अभी भी टस से मस होने को तैयार नहीं है। अब बड़ी बहन भी हैरान है कि उसकी छोटी बहन कुछ भी सुनने और समझने को तैयार नहीं है। छोटी बहन की काउंसलिंग करने वाले पुलिस अधिकारी भी उसे समझाते-समझाते थक चुके हैं, लेकिन उस पर कोई असर नहीं हो रहा है। हालांकि पुलिस के अलावा माता-पिता और बड़ी बहन भी छोटी बेटी के लगातार सम्पर्क में हैं, इस उम्मीद में कि एक दिन उसकी भी आंखें खुलेंगी।

गिरोह के मुख्य सदस्य पहले ही जेल जा चुके हैं

पुलिस ने आगरा की दोनों बहनों को कोलकाता से बरामद किया था। छह राज्यों में दबिश देकर एक महिला सहित दस आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद मुख्य सरगना अब्दुल रहमान को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद रहमान के दो बेटों सहित तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।

तीन आरोपियों मोहम्मद इब्राहिम, अबु तालिब और मोहम्मद अली उर्फ पीयूष की जमानत प्रार्थना सीजेएम कोर्ट से खारिज हो चुकी है। फिलहाल कुल 14 आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस अब छोटी बहन से बयान दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। पुलिस अब बड़ी बहन के बयान का विश्लेषण कर अन्य गवाहों और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को अंतिम रूप दे रही है।

इस मामले में आगरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह गिरोह धर्मांतरण के लिए लगातार लोगों को टारगेट करता रहा। बड़ी बहन की गवाही से इस गिरोह के नेटवर्क की व्यापकता उजागर होगी। पुलिस छोटी बहन को भी सामान्य स्थिति में लाकर पूरे गिरोह के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसने की दिशा में काम कर रही है।

SP_Singh AURGURU Editor