टीटीजेड के ‘गेटवे’ पर ही थामें जाएं राजस्थान से आने वाले घातक सूक्ष्म कण, जिला पंचायत अध्यक्ष ने मरम्मत कराकर तेरहमोरी बांध को सक्रिय करने के लिए सिंचाई मंत्री को पत्र लिखा

आगरा। आगरा जनपद का फतेहपुर सीकरी विकास खंड राजस्थान की ओर से आने वाली धूल भरी हवाओं का मुख्य गेटवे बन चुका है। इन हवाओं के साथ बहकर आ रहे जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक अति सूक्ष्म धूलीय कण सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर (एसपीएम) ताजमहल सहित पूरे ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) के पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल रहे हैं। यह गंभीर चेतावनी जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में दी।

Feb 7, 2026 - 14:15
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टीटीजेड के ‘गेटवे’ पर ही थामें जाएं राजस्थान से आने वाले घातक सूक्ष्म कण, जिला पंचायत अध्यक्ष ने मरम्मत कराकर तेरहमोरी बांध को सक्रिय करने के लिए सिंचाई मंत्री को पत्र लिखा
तेरहमोरी बांध की मरम्मत कराकर उसे फिर से सक्रिय करने के मुद्दे पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॊ. मंजू भदौरिया से विचार विमर्श करते सिविल सोसाइटी ऒफ आगरा के पदाधिकारी अनिल शर्मा और राजीव सक्सेना।

डॉ. मंजू भदौरिया ने कहा कि राजस्थान की ओर से आने वाली तेज हवाओं के साथ 2.5 माइक्रोन आकार तक के सूक्ष्म कण फतेहपुर सीकरी, अछनेरा और अकोला विकास खंड तक फैल रहे हैं, जो न केवल ताजमहल बल्कि ग्रामीण जनसंख्या के लिए भी उतने ही घातक हैं जितने महानगर क्षेत्र के लिए। ऐसे में इन कणों को टीटीजेड के प्रवेश द्वार पर ही रोकने के लिए ठोस कार्यनीति बनाना समय की मांग है।

सिंचाई मंत्री को पत्र, बांधों की मरम्मत पर जोर

जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने प्रदेश के सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को पत्र लिखकर तेरहमोरी बांध की तत्काल मरम्मत और उसे पुनः सुचारू कराने की मांग की है। साथ ही ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त आगरा से भी इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
3 फरवरी 2026 को लिखे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजस्थान से आने वाले सूक्ष्म धूल कण लगातार जनस्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं और इन पर नियंत्रण के लिए जल संरचनाओं की भूमिका निर्णायक हो सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रहा बेहद गंभीर फीडबैक

डॉ. भदौरिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार मिल रही जानकारियां अत्यंत चिंताजनक हैं। एसपीएम की वायु में मौजूदगी का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए और उससे बचाव के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। यदि राजस्थान की ओर से आने वाली हवाओं में 2.5 माइक्रोन तक के कण मौजूद हैं, तो उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए सिंचाई विभाग को निर्णायक हस्तक्षेप करना होगा।

तेरहमोरी बांध में पानी रहा तो बदलेगा पूरा परिदृश्य

उन्होंने बताया कि फतेहपुर सीकरी विकास खंड में स्थित 13 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला तेरहमोरी बांध ऐतिहासिक और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जल संरचना है। खारी नदी पर बना यह बांध सदियों तक मानसूनी जल के संचय और नियंत्रित निस्तारण में सहायक रहा है। वर्तमान में इसके गेट और मूल संरचना क्षतिग्रस्त हैं, जिन्हें दुरुस्त कर पुनः संचालित किया जा सकता है।
जब यह बांध सक्रिय था, तब पूरे ब्लॉक में हैंडपंप सुचारू रहते थे और हरियाली की स्थिति भी कहीं बेहतर थी।

भूजल सुधार बिना हरियाली असंभव

जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि उटंगन नदी का स्रोत खनुआ बांध जनपद की सबसे महत्वपूर्ण जल संरचना है। 22 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला यह बांध टीटीजेड क्षेत्र में सबसे बड़ा जलसंचय केंद्र है। राजस्थान की गंभीर नदी का प्रवाह इसमें आता है, लेकिन राजस्थान सिंचाई विभाग द्वारा प्रवाह रोके जाने से बांध जलविहीन हो रहा है।
उन्होंने खनुआ बांध में न्यूनतम जलस्तर सुनिश्चित कराने के लिए मंडलायुक्त आगरा को निरीक्षण और उचित कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

टीटीजेड प्राधिकरण के संज्ञान में जाएगा मामला

डॉ. भदौरिया ने कहा कि ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण का गठन सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ (1996) के तहत हुआ है, जिसका मुख्य उद्देश्य ताजमहल और आसपास के 10,400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाना है।
जब खनुआ और तेरहमोरी जैसे प्रमुख बांध जलशून्य होंगे, तो नदियों, भूजल और हरित आवरण पर नकारात्मक असर स्वाभाविक है। यह मुद्दा टीटीजेड अथॉरिटी अध्यक्ष के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा।

एएसआई अनुमति को तैयार

जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ हुई बैठक में सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि टीटीजेड क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पर्याप्त वर्षा के बावजूद भूजल स्तर में सुधार न होना गंभीर संकेत है। उन्होंने बताया कि तेरहमोरी बांध भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सूची में दर्ज महत्वपूर्ण जल संरचना है और एएसआई इसके संरक्षण व मरम्मत कार्यों के लिए अनुमति देने को तैयार है।

बैठक में सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधिमंडल में अनिल शर्मा, राजीव सक्सेना और असलम सलीमी शामिल रहे।

SP_Singh AURGURU Editor