घने कोहरे में भी नहीं रुकी सतर्कता, यूपी-112 की सूझबूझ से आगरा में बड़ा अग्निकांड टला
आगरा। आगरा में 27/28 दिसंबर की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एत्मादपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। घना कोहरा, रात का समय और ज्वलनशील सामग्री, स्थिति किसी बड़े हादसे का संकेत दे रही थी, लेकिन यूपी-112 पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बेहतरीन समन्वय ने संकट को टाल दिया।
आगरा। आगरा में 27/28 दिसंबर की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एत्मादपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। घना कोहरा, रात का समय और ज्वलनशील सामग्री, स्थिति किसी बड़े हादसे का संकेत दे रही थी, लेकिन यूपी-112 पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बेहतरीन समन्वय ने संकट को टाल दिया।
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में कमिश्नरेट आगरा की यूपी-112 पुलिस को जैसे ही फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली, PRV-0022 टीम बिना समय गंवाए मौके के लिए रवाना हो गई। टीम में कमांडर मुख्य आरक्षी अरविंद प्रताप सिंह, सब कमांडर मुख्य आरक्षी वीर सिंह और पायलट आरक्षी चालक आशीष कुमार सिंह शामिल थे।
घने कोहरे और सीमित दृश्यता के बावजूद PRV टीम अल्प समय में घटनास्थल पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मौके पर मौजूद आमजन को साथ लेकर टीम ने आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया और साथ ही अग्निशमन विभाग तथा उच्चाधिकारियों को तत्काल सूचना दी गई।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए PRV-0022 टीम ने अपने क्षेत्रीय मार्गों के ज्ञान का कुशल उपयोग किया। फायर ब्रिगेड की गाड़ी को राष्ट्रीय राजमार्ग से सुरक्षित और शीघ्रता से फैक्ट्री तक पहुंचाया गया। इस प्रभावी समन्वय और मार्गदर्शन का ही परिणाम रहा कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया।
इस त्वरित कार्रवाई से न केवल किसी भी प्रकार की जनहानि होने से बचाव हुआ, बल्कि फैक्ट्री मालिक को संभावित भारी आर्थिक नुकसान से भी काफी हद तक राहत मिली। घटना के बाद फैक्ट्री मालिक और आसपास मौजूद नागरिकों ने PRV टीम की तत्परता और साहस की खुले दिल से सराहना की और आगरा पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपात परिस्थितियों में यूपी-112 केवल एक सेवा नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा की मजबूत ढाल है।