वृंदावन छोड़ने की बात कहकर हेमा मालिनी ने किया बृजवासियों का अपमान, क्षमा मांगें- कांग्रेस
आगरा। सांसद हेमा मालिनी द्वारा दिए गए हालिया बयान, जिन्हें कॉरिडोर पर आपत्ति है, वे वृंदावन छोड़कर चले जाएं, ने बृजवासियों की भावनाओं को गहराई से आहत किया है। इस बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए राजीव गांधी बार एसोसिएशन, आगरा के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता रमा शंकर शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सदियों से वृंदावन में निवास करने वाले ब्रज के मूल निवासी, संत, सेवायत और स्थानीय श्रद्धालु, जो यहां की संस्कृति, परंपरा और सेवा-धारा को संजोए हुए हैं, उन्हें क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी जा रही है। वह भी एक ऐसी सांसद द्वारा, जो स्वयं यहां की नहीं हैं।
रमा शंकर शर्मा ने कहा, आपका मूल निवास मुंबई है, आपका कार्यक्षेत्र फिल्म इंडस्ट्री रहा है, और आपने कभी ब्रज के लिए कोई ऐतिहासिक योगदान नहीं दिया। इसके बावजूद ब्रजवासियों ने आपको गले लगाया, सिर माथे पर बिठाया, और सांसद जैसी गरिमामयी जिम्मेदारी दो बार सौंप दी। उन्हीं ब्रजवासियों से ‘वृंदावन छोड़ने’ जैसी अमर्यादित और असंवेदनशील बात कहकर उनका घोर अपमान किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि हेमा मालिनी का यह बयान ब्रज की आत्मा, संस्कृति और सहिष्णुता के विपरीत है। सांसद हेमा मालिनी तत्काल अपने बयान पर खेद व्यक्त करें और हाथ जोड़कर ब्रजवासियों से सार्वजनिक क्षमा याचना करें। यदि वे ऐसा नहीं करतीं, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वे जिस भूमि और जनता से जनादेश पाकर सत्ता तक पहुंची हैं, उसी के प्रति कृतघ्नता और घोर अनादर का परिचय दे रही हैं।