हाईस्पीड रेल से बदलेगी ब्रज की तक़दीरः दिल्ली–आगरा 40 मिनट और दिल्ली–मथुरा की दूरी 30 मिनट की रह जाएगी
आगरा। केंद्र सरकार द्वारा घोषित सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में शामिल दिल्ली–वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से आगरा और मथुरा सहित ब्रज क्षेत्र के अनेक जिलों को अभूतपूर्व लाभ मिलेगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार आगरा से दिल्ली की दूरी मात्र 40 मिनट और मथुरा से दिल्ली की दूरी केवल 30 मिनट रह जाएगी, जिससे आवागमन की परिभाषा ही बदल जाएगी।
अब तक उत्तर प्रदेश में वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी सेमी हाईस्पीड ट्रेनों का संचालन तो हो रहा है, लेकिन प्रदेश में पूर्ण हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का अभाव था। ऐसे में वाराणसी से जुड़े दो हाईस्पीड रेल कॉरिडोर यूपी के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। इन परियोजनाओं का सीधा लाभ कम से कम दस जिलों को मिलेगा, जिनमें आगरा का खंदौली क्षेत्र, मथुरा में राया इंटरचेंज, वाराणसी, भदोही, प्रयागराज, रायबरेली, लखनऊ, कन्नौज, न्यू इटावा और गौतमबुद्धनगर प्रमुख हैं।
हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से मथुरा जैसी धार्मिक और पर्यटन नगरी को विशेष बढ़त मिलेगी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यापार और सेवाक्षेत्र को नई गति मिलेगी। ब्रज क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
वहीं आगरा के लिए यह परियोजना पर्यटन और उद्योग दोनों दृष्टि से गेमचेंजर साबित होगी। ताजमहल सहित विश्व धरोहरों तक तेज़ और सुगम पहुंच से पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी, जबकि दिल्ली से निकटता बढ़ने से निवेश, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। खंदौली क्षेत्र में प्रस्तावित कनेक्टिविटी से औद्योगिक विकास को भी बल मिलेगा।
कुल मिलाकर, हाईस्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को विकास की नई रफ्तार देगा और प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन के स्तर पर और अधिक सशक्त बनाएगा। यह परियोजना न केवल दूरी घटाएगी, बल्कि समय, संसाधन और संभावनाओं के नए द्वार खोलेगी।