आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हाईटेक सर्जरी, मस्तिष्क-नाक के बीच अस्थि दोष को बिना चीरे किया रिपेयर
आगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) के ईएनटी विभाग ने एक 35 वर्षीय महिला की जटिल CSF Rhinorrhea रिपेयर सर्जरी को एंडोस्कोपिक (दूरबीन) विधि से सफलतापूर्वक पूरा कर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। महिला पिछले एक वर्ष से नाक से साफ पानी जैसा स्राव और लगातार सिरदर्द से पीड़ित थी। जांच में मस्तिष्क और नाक की गुहा के बीच अस्थि दोष सामने आया, जिससे मस्तिष्क मेरु द्रव (CSF) का रिसाव हो रहा था। 13 मार्च 2026 को बिना किसी बाहरी चीरे के यह संवेदनशील ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुकी है।
आगरा। आगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग ने एक बार फिर अपनी उच्च स्तरीय चिकित्सकीय क्षमता का परिचय देते हुए एक अत्यंत जटिल और संवेदनशील सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। विभाग के चिकित्सकों ने सीएसएफ राइनोरिया से पीड़ित 35 वर्षीय महिला का इलाज बिना किसी बाहरी चीरे के आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक से किया। यह सफलता न केवल संस्थान के लिए गौरव का विषय है, बल्कि आगरा और आसपास के मरीजों के लिए भी राहतभरी खबर है, क्योंकि अब ऐसी जटिल सर्जरी के लिए बड़े महानगरों का रुख करना जरूरी नहीं रह गया है।
आगरा निवासी 35 वर्षीय महिला पिछले लगभग एक वर्ष से एक अजीब और परेशान करने वाली समस्या से जूझ रही थी। उसकी नाक से लगातार साफ पानी जैसा स्राव होता था, जो सामान्य सर्दी-जुकाम जैसा नहीं था। इसके साथ ही उसे लगातार सिरदर्द की शिकायत भी रहती थी। चिकित्सकों के अनुसार, महिला जब झुकती थी, खांसती थी या दबाव पड़ता था, तो यह स्राव और अधिक बढ़ जाता था।
इस कारण महिला को दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों में भी भारी असुविधा होने लगी थी। सबसे खास बात यह रही कि महिला को पहले कभी कोई सिर की चोट नहीं लगी थी और न ही नाक या मस्तिष्क से संबंधित कोई पूर्व सर्जरी हुई थी, जिससे यह मामला और अधिक जटिल माना गया।
जांच में खुला गंभीर कारण
महिला जब ईएनटी ओपीडी पहुंची, तो विशेषज्ञों ने उसकी शिकायतों को गंभीरता से लिया। विस्तृत परीक्षण और सीटी स्कैन के बाद चिकित्सकों को पता चला कि महिला के मस्तिष्क और नाक की गुहा के बीच एक अस्थि दोष (Bone Defect) मौजूद है। इसी अस्थि दोष के कारण मस्तिष्क मेरु द्रव (Cerebrospinal Fluid - CSF) नाक के रास्ते बाहर निकल रहा था। इसी स्थिति को चिकित्सा भाषा में सीएसएफ राइनोरिया कहा जाता है।
यह एक अत्यंत संवेदनशील स्थिति मानी जाती है, क्योंकि यदि समय रहते इसका उपचार न किया जाए तो मरीज को गंभीर संक्रमण, विशेषकर मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क झिल्ली संक्रमण) जैसे जानलेवा खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
13 मार्च 2026 को बिना चीरे की गई जटिल सर्जरी
ईएनटी विभाग के प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में 13 मार्च 2026 को इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया गया। चिकित्सकों ने उच्च गुणवत्ता वाले एंडोस्कोप (दूरबीन) का उपयोग करते हुए बिना किसी बाहरी चीरे, बिना टांके और बिना चेहरे पर निशान छोड़े मस्तिष्क और नाक के बीच बने दोष को सफलतापूर्वक रिपेयर किया।
यह तकनीक आधुनिक ईएनटी सर्जरी में अत्यंत उन्नत मानी जाती है, क्योंकि इसमें शरीर को कम से कम क्षति पहुंचती है, रिकवरी तेज होती है और मरीज को कम दर्द व कम जटिलताओं का सामना करना पड़ता है।
डॉ. धर्मेंद्र कुमार बोले यह बेहद संवेदनशील ऑपरेशन था। सर्जरी का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि यह ऑपरेशन अत्यंत सावधानी और उच्च तकनीकी दक्षता की मांग करता है। उनके अनुसार यह एक बेहद संवेदनशील सर्जरी होती है, क्योंकि इसमें सीधे मस्तिष्क की झिल्ली और नाक के बीच बने असामान्य मार्ग को सुरक्षित रूप से बंद करना होता है। छोटी सी चूक भी गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकती है। लेकिन हमारी टीम ने आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक की मदद से इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है और उसे सफल उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने टीम को दी बधाई
इस उपलब्धि पर संस्थान के प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने ईएनटी विभाग और एनेस्थीसिया टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एस.एन. मेडिकल कॉलेज अब अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ सर्जनों से सुसज्जित है। हमारा लक्ष्य है कि आम जनता को जटिल से जटिल ऑपरेशन की सुविधा संस्थान में ही उपलब्ध कराई जाए। डॉ. गुप्ता का यह बयान संस्थान की बढ़ती चिकित्सा क्षमताओं और सरकारी मेडिकल संस्थानों में उन्नत उपचार सेवाओं की दिशा में हो रही प्रगति को दर्शाता है।
मेडिकल टीम में ईएनटी विभाग के डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. सौम्याता नीरज, और डॉ. रोहिणी एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. अर्पिता (नेतृत्व), डॉ. पल्लिका, डॉ. काजल तथा डॉ. अनुभव शामिल थे।
भविष्य में भी जटिल सर्जरी के लिए तैयार ईएनटी विभाग
ईएनटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि विभाग भविष्य में भी इस प्रकार की जटिल और उच्च जोखिम वाली सर्जरी करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि अब आगरा का एसएन मेडिकल कॉलेज न केवल सामान्य उपचार बल्कि सुपर-स्पेशलाइज्ड एंडोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।