नकली दवा संग एक करोड़ कैश में भी फंसा हिमांशु अग्रवाल, सहयोगियों को भी ले डूबा
आगरा। नकली दवा से मुनाफा कमाने वाले हिमांशु अग्रवाल की एक करोड़ रुपये कैश रिश्वत के रूप में देकर मामले को निपटाने की उसकी साजिश तो नाकाम हुई ही, अब यही रकम ही उसके खिलाफ एक और अपराध की वजह बन गई है। आयकर विभाग अब इस बात की तहकीकात कर रहा है कि आखिर इतनी बड़ी नकदी अचानक आई कहां से। अब नकली दवाओं के साथ-साथ काली कमाई की परतें भी खुलने लगी हैं। आयकर विभाग की जांच में वे नाम भी सामने आ सकते हैं जिन्होंने इस रकम का इंतजाम किया।
-आयकर विभाग ने शुरू कर दी है जांच, पकड़ में आ सकते हैं वे लोग जिन्होंने अल्प समय में बड़ी रकम का इंतजाम किया
एक करोड़ कैश की रिश्वत की पेशकश की बात करने के बाद भी हिमांशु अग्रवाल बच नहीं पाया। वह जेल जा चुका है। उसकी एक करोड़ की धनराशि भी जब्त हो चुकी है। इस पर हिमांशु अग्रवाल नकली दवा के कारोबार में तो फंसा ही, अब एक करोड़ कैश को लेकर आयकर विभाग के रडार पर भी आ गया है। हिमांशु खुद तो फंसा ही, अपने उन शुभचिंतकों को भी ले डूबा, जिन्होंने आनन-फानन में उसके लिए एक करोड़ कैश का इंतजाम किया। जाहिर है कि आयकर विभाग तह तक जाए और तब वे मछलियां भी पकड़ में आ सकती हैं जिन्होंने इस रकम की व्यवस्था की।
हवाला या कारोबारी – कौन बना कैश का स्रोत?
हिमांशु अग्रवाल पहले कह रहा था कि उसने यह रकम बाजार के दूसरे कारोबारियों से मंगवाई है। लेकिन जैसे ही उसे अहसास हुआ कि दूसरे कारोबारी फंस सकते हैं, उसने बयान बदल लिया और कहने लगा कि यह रकम हवाला पर पड़ी थी, जहां से उसने मंगवा ली। रकम का स्रोत चाहे जो भी हो, आयकर विभाग के निशाने पर अब सिर्फ हिमांशु ही नहीं बल्कि वे लोग भी हैं जिन्होंने एक करोड़ नकदी का इंतजाम किया।
छापे के दौरान की थी रिश्वत की पेशकश
ड्रग विभाग की टीम और एसटीएफ जब हिमांशु अग्रवाल के मेडिकल स्टोर और गोदामों में छानबीन कर रही थी, उसी समय हिमांशु दो बैग लेकर छापा टीम के पास पहुंचा था। उसने नोट गिनने वाली मशीन से एक-एक कर गड्डियां गिनना शुरू कर दिया और फिर पूरे एक करोड़ रुपये टीम के सामने रखते हुए कहा कि मामले को यहीं खत्म कर दिया जाए। जब बात नहीं बनी तो उसने और बड़ी चाल चली। हिमांशु ने कहा कि वह इससे भी ज्यादा नकली माल बरामद करवा देगा, लेकिन उसे छोड़ दिया जाए। उसने रिश्वत की रकम बढ़ाकर दो करोड़ तक करने की पेशकश की, परंतु उसके सारे दांव विफल हो गए। नतीजा यह हुआ कि नकली दवाओं के साथ-साथ उसका एक करोड़ रुपये कैश भी जब्त हो गया और वह खुद सलाखों के पीछे पहुंच गया।
आलीशान कोठी पर भी पसरा हुआ है सन्नाटा
हिमांशु अग्रवाल जो बल्केश्वर में एक छोटे से मकान में रहता था, आज कमला नगर के कर्मयोगी एन्क्लेव में शानदार कोठी का मालिक है। बताया जाता है कि उसका यह आलीशान मकान उसकी काली कमाई का प्रतीक है। हेमा मेडिको पर छापा पड़ने के बाद से उसकी कोठी पर ताला लटका हुआ है। अब यह भी जांच के दायरे में आ चुका है कि उसने कम समय में इतनी संपत्ति कैसे अर्जित कर ली।