भाजपा ने जयंती पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘एक विधान-एक प्रधान-एक निशान’ संकल्प को किया नमन
आगरा। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्म जयंती पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा ब्रज क्षेत्र कार्यालय में आयोजित की गई संगोष्ठी में उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए गये।
संगोष्ठी का शुभारंभ डॉ. मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता शिव शंकर शर्मा, अरुण पाराशर, ओमप्रकाश सागर, ओमप्रकाश चलनी वाले, निर्मला दीक्षित, धीरज कोहली सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संगोष्ठी की अध्यक्षता भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, एकता और अखंडता का प्रतीक है। उनके नारे एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे, को आज छह दशक बाद मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर साकार किया है।
राजकुमार गुप्ता ने कहा कि श्यामा प्रसाद का जीवन एक आदर्श है, जिसने देश की एकता के लिए बलिदान दिया। उन्होंने युवाओं से मुखर्जी के विचारों पर चलने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता शिव शंकर शर्मा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने संसद में अनुच्छेद 370 के विरोध में मुखर आवाज उठाई थी। अगस्त 1952 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर की रैली में यह संकल्प लिया था कि या तो वे संविधान वापस कराएंगे या इसके लिए जीवन बलिदान कर देंगे। 1953 में बिना परमिट कश्मीर प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया और 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई। उनके बलिदान का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक निर्णय लेकर अनुच्छेद 370 को समाप्त किया।
संगोष्ठी में नवल तिवारी, ओमप्रकाश सागर, हेमंत भोजवानी, राहुल सागर, मनोज राजोरा, महेश शर्मा, रोहित कत्याल, नवीन गौतम, अभिषेक गुप्ता, शैलूं पंडित, सुधीर टंडन, मनोज जोशी, सोनू निगम, प्रेम सिंह धाकड़, बॉबी लाले, नवीन प्रजापति, कुशल गोयल, उपमा गुप्ता, अंजना असीजा, निधि शर्मा, कविता मोहन अग्रवाल आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।