ब्रज में 24 फरवरी से 12 मार्च तक रहेगी होली की धूम, रंग, राग और रस की त्रिवेणी संग लोक परंपराओं की झलक दिखेगी, बरसाना की लठामार होली 25 को
ब्रज में होली केवल रंगों का पर्व नहीं है, बल्कि यह लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और शाश्वत परंपराओं का जीवंत उत्सव होता है। वर्ष 2026 में ब्रज की होली श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को रंगों के साथ-साथ लोक कलाओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अद्भुत संगम से सराबोर करेगी।
मथुरा। होली की उमंग के बीच इस वर्ष ब्रज क्षेत्र में रंगों की फुहार के साथ लोक संस्कृति की छटा विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा आयोजित ब्रज होली उत्सव 2026 के अंतर्गत बरसाना, नंदगांव, मथुरा, गोकुल, महावन और बलदेव सहित विभिन्न स्थलों पर लोक कलाकार पारंपरिक गायन, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से वातावरण को उल्लासपूर्ण बनाएंगे।
ब्रज की विश्व-प्रसिद्ध होली अब रंगोत्सव के रूप में 24 फरवरी से प्रारंभ होगी। मुख्य आयोजन की शुरुआत 24 फरवरी को बरसाना की ऐतिहासिक लड्डू होली से होगी, जबकि 25 फरवरी को बरसाना की प्रसिद्ध लठ्ठमार होली आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर परिषद द्वारा बरसाना स्थित ब्रज बिहारी इंटर कॉलेज में मुख्य सांस्कृतिक मंच तैयार किया गया है।
24 फरवरी को इस मंच पर मिश्रा बंधु, विवेक मेहता, पूनम दीदी और कुमार सत्यम द्वारा भक्ति-रस से ओतप्रोत भजन प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं 25 फरवरी को लठ्ठमार होली के दिन मुरारी लाल शर्मा, अभिलाषा वर्मा, बनवारी लाल शर्मा और कैलाश पीयूष अपनी लोक व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
परिषद द्वारा बरसाना में सात लघु मंच भी तैयार किए गए हैं, जहां विभिन्न लोक कलाकार निरंतर प्रस्तुतियां देंगे। इसके अतिरिक्त स्ट्रीट परफॉर्मेंस के माध्यम से गलियों और चौकों में भी ब्रज की लोक परंपराएं जीवंत होंगी।
बरसाना के बाद रंगोत्सव का उल्लास 26 फरवरी को नंदगांव और रावल में देखने को मिलेगा। 27 फरवरी को श्रीकृष्ण जन्मस्थान तथा श्री बांके बिहारी मंदिर में रंगों की होली खेली जाएगी, जबकि श्री द्वारिकाधीश मंदिर में कुंज की होली का आयोजन होगा।
इसके पश्चात 1 मार्च को गोकुल में छड़ीमार होली, 3 मार्च को मथुरा में चतुर्वेदी समाज का डोला और फालेन में होलिका दहन होगा। 4 मार्च को मथुरा में धुलेड़ी मनाई जाएगी। 5 मार्च को बलदेव में दाऊजी का हुरंगा, नंदगांव व जाव में हुरंगा तथा मुखराई में चरकुला नृत्य आयोजित होगा। 6 मार्च को बठेन और गिडोह में हुरंगा की धूम रहेगी। 9 मार्च को महावन में छड़ीमार होली तथा 12 मार्च को श्री रंगजी मंदिर में होली के साथ सांस्कृतिक एवं लोक कलाओं का भव्य प्रदर्शन होगा।
रंगोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए परिषद और जिला प्रशासन सक्रिय रूप से जुटा है। परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि इस वर्ष ब्रज की होली में रंगों के साथ-साथ संस्कृति, संगीत और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम दिखाई देगा। बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
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