हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार, तीन फरार, अश्लील वीडियो बनाकर लूटते थे लाखों

आगरा। आगरा में सक्रिय हनीट्रैप गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। एक महिला और उसके साथी गणेश को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गैंग के तीन सदस्य—रियाज़, प्रविन्द्र और प्रवेश—फरार बताए जा रहे हैं। गिरोह पिछले कई महीनों से सुनियोजित तरीके से लोगों को जाल में फँसाकर उनसे लाखों रुपए वसूल रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और पेन ड्राइव बरामद हुई हैं, जिनमें कई पीड़ितों के गोपनीय वीडियो और चैट्स मिले हैं। जांच में सामने आया कि गिरोह की मुख्य भूमिका महिला निभाती थी। वह पहले किसी व्यक्ति को दोस्ती के बहाने मिलने बुलाती, फिर मौका देखकर उसके साथ वीडियो बना लेती थी।

Dec 2, 2025 - 15:41
Dec 2, 2025 - 18:06
 0
हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार, तीन फरार, अश्लील वीडियो बनाकर लूटते थे लाखों
इमेज फोटो

आगरा। कमला नगर क्षेत्र में सक्रिय एक हनीट्रैप गैंग का आगरा पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस महिला ने खुद को पीड़िता बताकर डीसीपी सिटी कार्यालय में शिकायत की थी, वही इस गैंग की सरगना निकली। महिला ने दावा किया था कि एक युवक ने उसके अश्लील वीडियो बनाकर लाखों रुपये की मांग की है, परंतु जांच में यह पूरी कहानी उलट गई।

करीब एक सप्ताह पहले एक महिला रोते-बिलखते हुए डीसीपी सिटी के पास पहुंची। उसने आरोप लगाया कि एक युवक ने उसकी आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल शुरू कर दिया है। शिकायत में महिला ने कहा कि यदि उसने लाखों रुपये नहीं दिए तो उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।

शिकायत की गंभीरता देखते हुए डीसीपी सिटी ने तत्काल मामले की जांच के निर्देश दिए। मामला संवेदनशील होने के कारण कई टीमें गठित की गईं और जांच तेज की गई।

जांच में खुल गई सच्चाई, पुलिस के उड़े होश

जांच के दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिसने पूरा मामला पलट दिया। महिला के मोबाइल की जांच में कई युवकों के अश्लील वीडियो और संदिग्ध चैट्स बरामद हुए। तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकार्ड ने स्पष्ट कर दिया कि शिकायतकर्ता महिला ही एक सक्रिय हनीट्रैप गैंग का संचालन कर रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला चार अन्य साथियों गणेश, रियाज़, प्रविंद्र और प्रवेश के साथ मिलकर गिरोह चलाती थी। गिरोह का मकसद पहले युवकों को जाल में फंसाना और बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर भारी रकम वसूलना था।

मिस्ड कॉल से शुरू होता था फंसाने का खेल

पुलिस द्वारा बताई गई गैंग की कार्यप्रणाली बेहद संगठित और योजनाबद्ध थी। सबसे पहले लक्षित लोगों के मोबाइल नंबर पर मिस्ड कॉल की जाती थी। जब सामने वाला व्यक्ति कॉल बैक करता, तो महिला उस व्यक्ति से बातचीत कर दोस्ती बढ़ाती। कुछ ही दिनों में वह प्यार के झूठे नाटक में उलझाकर उन्हें होटल या गेस्ट हाउस बुलाती थी। यहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया जाता था। इसके बाद पीड़ित के अश्लील वीडियो बनाए जाते थे। फिर वीडियो वायरल करने व दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी। 

रियाज़ खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराता था

गैंग का सदस्य रियाज़ खुद को कानपुर पुलिस का अधिकारी बताता था। वह पीड़ितों को फोन कर धमकी देता कि यदि उन्होंने ‘समझौता’ नहीं किया तो उन पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर दिया जाएगा। इस डर से कई लोग पैसे देने को मजबूर हो जाते थे।

चार लाख से अधिक की उगाही, कई वीडियो बरामद

गिरफ्तार महिला और उसके साथी गणेश से पूछताछ में खुलासा हुआ कि अब तक गैंग तीन लोगों से करीब ₹4.12 लाख वसूल चुका था। महिला के फोन से तीन अन्य युवकों के भी आपत्तिजनक वीडियो मिले, जिन्हें गिरोह जल्द ही निशाना बनाने वाला था।

ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज के कारण बनी गैंग का हिस्सा

पूछताछ में महिला ने बताया कि वह ऑनलाइन गेम्स की लत में बड़ी रकम हार बैठी थी। कर्ज बढ़ने पर उसने इस गिरोह के जरिए पैसा कमाने का रास्ता चुना। जिस युवक के खिलाफ उसने डीसीपी कार्यालय में झूठी रिपोर्ट दी थी, वह रकम देने से बच रहा था, जिसके बाद उसने पुलिस की शरण में जाकर खुद को पीड़ित बताने की चाल चली।

दो गिरफ्तार, तीन फरार, पुलिस की खोज जारी

पुलिस ने महिला सरगना और उसके साथी गणेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। तीन फरार आरोपी रियाज़, प्रविंद्र और प्रवेश की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गैंग लंबे समय से सक्रिय था और बेहद योजनाबद्ध तरीके से युवकों को निशाना बनाता था। सभी तकनीकी और साक्ष्य आधारित जांच पूरी कर ली गई है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।