इंसानियत सबसे ऊपरः गणेश शंकर विद्यार्थी की विरासत पर हिंदुस्तानी बिरादरी ने दी श्रद्धांजलि

आगरा। देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, निर्भीक पत्रकार और हिंदुस्तानी बिरादरी के संस्थापक स्वर्गीय गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्यतिथि पर रविवार को संस्था द्वारा श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। यह आयोजन न सिर्फ एक स्मरण सभा थी, बल्कि उस विचारधारा का पुनर्स्मरण भी था जिसने भारत को एकता और भाईचारे की डोर में बांधने का कार्य किया।

Oct 26, 2025 - 18:46
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इंसानियत सबसे ऊपरः गणेश शंकर विद्यार्थी की विरासत पर हिंदुस्तानी बिरादरी ने दी श्रद्धांजलि
स्व. गणेश शंकर विद्यार्थी का फाइल फोटो।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने विद्यार्थी जी की पत्रकारिता, त्याग और मानवीय दृष्टिकोण को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपने लेखन और कर्म से यह साबित किया कि सच्ची पत्रकारिता जनता की आवाज़ होती है, जो समाज को जोड़ती है, तोड़ती नहीं।

हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष एवं कबीर पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सिराज कुरैशी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी जी ने 1923 में उस दौर में हिंदुस्तानी बिरादरी की स्थापना की, जब देश में सांप्रदायिक तनाव चरम पर था। उन्होंने दिखाया कि हिंदुस्तान की ताकत उसकी विविधता और भाईचारे में है। विद्यार्थी जी ने अपने प्राणों की आहुति देकर यह सिखाया कि नफरत की आग को मानवता ही बुझा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान संस्था के उपाध्यक्ष विशाल शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी जी की सोच केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक राष्ट्र की आत्मा है। हिंदुस्तानी बिरादरी उसी विचार को आगे बढ़ा रही है — सामाजिक सौहार्द्र, मानवता और राष्ट्रीय एकता के लिए।

साल 1930 में कानपुर दंगों के दौरान जब सांप्रदायिक हिंसा भड़की, तब गणेश शंकर विद्यार्थी ने दोनों समुदायों के बीच शांति स्थापित करने के प्रयास में अपना बलिदान दे दिया। आज उनका बोया हुआ सौहार्द्र का बीज आगरा में हिंदुस्तानी बिरादरी के रूप में एक विशाल वृक्ष बन चुका है, जो निरंतर सुलहकुल की परंपरा को जीवित रखे हुए है।

इस अवसर पर विजय उपाध्याय, जियाउद्दीन, सामी आगाई, राजकुमार नागरथ, समीउद्दीन और दीप शर्मा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार और पत्रकारों ने विद्यार्थी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

SP_Singh AURGURU Editor