आगरा में इंसानियत शर्मसार, 6 साल की मासूम से दरिंदगी, तीन दिन तक दबा रहा मामला, ब्राह्मण समाज में आक्रोश
आगरा। जिले के खंदौली क्षेत्र में एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है। आरोप है कि एक किशोर ने 6 साल की मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाया। पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि मामला करीब तीन दिन तक दबाए रखा गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
आगरा। जिले के खंदौली क्षेत्र में एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है। आरोप है कि एक किशोर ने 6 साल की मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाया। पीड़ित परिवार का दावा है कि घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि मामला करीब तीन दिन तक दबाए रखा गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
परिजनों का कहना है कि वे लगातार थाने के चक्कर काटते रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। जब यह संवेदनशील मामला कुछ राजनीतिक और सामाजिक लोगों तक पहुंचा, तब जाकर पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद ही पूरे घटनाक्रम की परतें खुलनी शुरू हुईं।
घटना की जानकारी सामने आते ही ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश फैल गया। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि यदि पीड़ित पक्ष दबाव नहीं बनाता, तो शायद मामला यूं ही दफन कर दिया जाता। उनका कहना है कि मासूम के साथ हुई इस जघन्य घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आक्रोशित समाज के लोगों ने दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवार को न्याय और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा गया कि इस तरह के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया गया है। हालांकि, शुरुआती देरी को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल बने हुए हैं।
यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज की सामूहिक संवेदनशीलता की भी बड़ी परीक्षा बन गया है। मासूम के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई कितनी जरूरी है।