आगरा में बाकंदा खास के जलदरिया कुएं की अथाह जलराशि के सामने मानव और मशीनें बेबस

आगरा। इंसान लाख तरक्की कर ले और कितनी ही आधुनिक मशीनें क्यों न बना ले, लेकिन प्रकृति के सामने सब बौनी साबित हो जाती हैं। आगरा जिले के किरावली तहसील के बाकंदा खास गांव में बीते दिन 40 फीट गहरे कुएं में गिरे पांच वर्षीय बालक रेहांश को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बाहर नहीं निकाला जा सका है। पुलिस, फायर सर्विस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अथक प्रयास कर रही हैं, परंतु प्रकृति की अथाह जलराशि के आगे मानव की हर प्रयास और तकनीक बेअसर साबित हो रहे हैं। बालक को लेकर सभी की उम्मीद टूट चुकी है। अब बस हर किसी को इंतजार है उसके शरीर के बाहर आने का।

Nov 1, 2025 - 16:34
Nov 1, 2025 - 16:35
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आगरा में बाकंदा खास के जलदरिया कुएं की अथाह जलराशि के सामने मानव और मशीनें बेबस
वह जलदरिया कुआं, जिसमें रेहांश गिरा था। अब इसका पानी खींचने के लिए समरसेबिल पंप लगाई जा रही है।

-कल से आज तक इतना पानी खींचा जा चुका है कि आसपास के खेत लबालब हो गये, पर कुएं का पानी खत्म नहीं हो रहा

घटनास्थल के मौजूद गमगीन ग्रामीण। 

कुएं में कल गिरा था मासूम, गांव में है मातमी सन्नाटा

यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हुआ, जब बाकंदा खास गांव के किसान गोपाल सिंह अपने खेत में आलू की बुवाई करे रहे थे। उसी दौरान उसका पांच-छह साल का बेटा रेहांश खेलते-खेलते खेत तक पहुंच गया। गोपाल सिंह ने देखा कि उसका बेटा कुएं की ओर जा रहा है, तो वह दौड़ पड़े और उसे रोकने के लिए आवाज लगाई, लेकिन जब तक वह पहुंचे, रेहांश का पैर फिसल गया और वह करीब 40 फीट गहरे कुएं में गिर गया।

गोपाल सिंह की चीख सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग दौड़ पड़े। किसी ने पुलिस को सूचना दी, तो किसी ने गांव के नौजवानों को बुलाया। तुरंत राहत कार्य शुरू हुआ, पर कुएं की गहराई और पानी की अथाह मात्रा ने हर प्रयास विफल कर दिया।

फायर सर्विस और एनडीआरएफ की टीमें भी नाकाम

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। फायर सर्विस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी बुला ली गईं। जवानों ने सीढ़ी और रस्सी के सहारे कुएं में उतरकर बच्चे को तलाशने की कोशिश की, लेकिन अथाह जलराशि ने सबको हताश कर दिया।

सरकारी एजेंसियों के आने से पहले गांव के कई युवा रस्सियों के सहारे कुएं में उतरे, जलस्तर और कीचड़ के कारण किसी को भी सफलता नहीं मिली। बच्चे की तलाश में कई घंटे बीत गए, लेकिन सुराग तक नहीं मिला। फायर सर्विस, एनडीआरएफ की टीमों के जवान सीढ़ी लगाकर कुएं में उतरे, लेकिन वे भी बच्चे को खोजने में नाकाम रहे।

तीन ट्रैक्टर और दो पंपसेट भी नाकाम, जितना पानी निकाला उतना फिर भरा रेस्क्यू टीम ने रणनीति बदली। तय किया गया कि कुएं को पानी खींचकर बच्चे की तलाश की जाए। इसके लिए तीन ट्रैक्टर और दो पंपसेट लगाकर कुएं से पानी निकाला जाने लगा। उम्मीद थी कि पानी कम होने पर बच्चे तक पहुंचा जा सकेगा, मगर जितना पानी खींचा गया, उससे दोगुना पानी फिर कुएं में भर आता।

यह कवायद कल दिनभर और देर रात तक चलती रही। कुएं का जलस्तर ज्यों का त्यों बना रहा, जिससे प्रशासन और ग्रामीण दोनों हैरान थे। कल से आज तक कुएं से इतना पानी खींचा जा चुका है कि आसपास के खेत पानी से लबालब हो गये हैं, लेकिन कुएं का पानी खत्म नहीं हुआ।

गांव में चर्चा- यह कोई साधारण नहीं, जलदरिया कुआं है

गांववालों का कहना है कि इस कुएं के पास से ही खारी नदी बहती है। उसी से इसका जलस्रोत जुड़ा है, इसलिए यह कभी सूखता नहीं। गांव में ऐसे कुओं को ‘जलदरिया कुआं’ कहा जाता है। यानी ऐसा कुआं, जिसमें दरिया जैसी अथाह जलराशि हो।

प्रशासनिक अधिकारी भी इस अद्भुत जलस्रोत को देखकर दंग हैं। कुएं से निरंतर पानी खींचने के बावजूद उसका स्तर कम नहीं हो रहा।

आसपास के खेत पानी से लबालब, किसान भी परेशान

कुएं से खींचे गये पानी से लबालब खेत। 

लगातार पंपसेट चलने से कुएं का पानी आसपास के खेतों में भर गया। किसी खेत मालिक ने शिकायत नहीं की, क्योंकि सबकी प्राथमिकता बच्चे को बचाना था। मगर अब किसान चिंता में हैं कि खेतों की बुवाई कैसे होगी। किसानों की चिंता को देखते हुए प्रशासन ने अब तय किया है कि कुएं से खारी नदी तक अस्थायी नाला बनाकर पानी सीधे नदी में छोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कुएं पर दो सबमर्सिबल पंप लगाकर पानी खींचा जाएगा। इसके लिए अबाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी की जा रही है।

प्रकृति और मानव का द्वंद्व जारी

मानव और प्रकृति के बीच यह द्वंद्व पिछले 24 घंटे से अधिक समय से जारी है। मानव के हर प्रयास पर प्रकृति ने पानी फेर दिया है, लेकिन मानव ने भी हार नहीं मानी है। लगातार नए-नए तरीकों से कुएं को जलविहीन करने के प्रयास जारी हैं, ताकि रेहांश तक पहुंचा जा सके।

मौके पर जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद

बाकंदा खास में मौके पर क्षेत्रीय विधायक चौधरी बाबूलाल, ब्लाक प्रमुख गुड्डू चाहर, प्रमोद चाहर, भूप सिंह इंदौलिया, पवन इंदौलिया आदि मौजूद हैं। वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहकर रेस्क्यू ऒपरेशन चलवा रहे हैं। आसपास के हजारों ग्रामीण भी मौके पर जुटे हुए हैं।

उधर रेहांश के परिवार में हर कोई करुण क्रंदन कर रहा है। रेहांश के पिता गोपाल सिंह बार-बार ख़ुद को कोस रहे हैं कि वे अपनी आंखों के सामने होते हुए भी अपने बच्चे को नहीं बचा पाए।

-किरावली से रवीन्द्र लवानिया की रिपोर्ट

SP_Singh AURGURU Editor