सौ वर्षों की गौरवगाथा, कुलश्रेष्ठ सभा आगरा का शताब्दी समारोह बना एकता, संस्कार और सेवा का महापर्व

आगरा। कुलश्रेष्ठ सभा, आगरा ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष (1925–2025) पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को अमल गार्डन, आगरा में शताब्दी वर्ष समारोह का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया। यह समारोह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज की एकता, सहयोग, संस्कार और सेवा भावना का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया।

Dec 21, 2025 - 20:44
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सौ वर्षों की गौरवगाथा, कुलश्रेष्ठ सभा आगरा का शताब्दी समारोह बना एकता, संस्कार और सेवा का महापर्व
अमल गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद अतिथि।

अमल गार्डन में जुटा देश–विदेश से कुलश्रेष्ठ समाज, इतिहास और भविष्य का हुआ भव्य संगम

आगरा। कुलश्रेष्ठ सभा, आगरा ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष (1925–2025) पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को अमल गार्डन, आगरा में शताब्दी वर्ष समारोह का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया। यह समारोह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज की एकता, सहयोग, संस्कार और सेवा भावना का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री चित्रगुप्त जी महाराज के आशीर्वाद के साथ दीप प्रज्वलन एवं आरती से हुआ। इसके पश्चात महिला शाखा की सदस्याओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गान ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा से भर दिया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मनोज कुलश्रेष्ठ (गाजियाबाद), विशिष्ट अतिथि लेफ्टिनेंट कमांडर अविनाश चंद्र (मुंबई) एवं शिप्रा कुलश्रेष्ठ (दिल्ली) की गरिमामयी उपस्थिति रही। स्वागत उद्बोधन में मनोज कुलश्रेष्ठ ने समाज के प्रति मुख्य अतिथि के सामाजिक योगदान और प्रेरणादायक यात्रा को रेखांकित किया।अतिथि शिप्रा कुलश्रेष्ठ का स्वागत भाषण कविता कुलश्रेष्ठ ने दिया, जबकि ले. कमांडर अविनाश चंद्र का स्वागत नवीन कुलश्रेष्ठ द्वारा किया गया।

इस अवसर पर समाज के उन वरिष्ठजनों को शताब्दी विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा, सामाजिक सेवा, संस्कृति और स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर कुलश्रेष्ठ सभा, आगरा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। साथ ही आगरा के बाहर से पधारे विभिन्न कुलश्रेष्ठ सभाओं के अध्यक्षों, सदस्यों तथा कायस्थ समाज के अन्य पदाधिकारियों और अतिथियों को भी सम्मानित किया गया।

सभा के अध्यक्ष शशि कुमार कुलश्रेष्ठ ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि कुलश्रेष्ठ सभा का शताब्दी वर्ष केवल अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। यह आयोजन समाज को संगठित, सशक्त और सेवा-भाव से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

दोपहर के भोजन के उपरांत आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को यादगार बना दिया। महिला शाखा एवं सांस्कृतिक समिति की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समाज की युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। लखनऊ और वाराणसी से आए कलाकारों के साथ-साथ न्यू जर्सी, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से पधारे अतिथियों की उपस्थिति ने इस समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में संरक्षकगण अशोक कुलश्रेष्ठ, ऋषि कुलश्रेष्ठ, अनिल कुलश्रेष्ठ, अशोक प्रकाश कुलश्रेष्ठ, महासचिव राजीव, उपाध्यक्ष कुलदीप, मुकेश, सुमन, कार्यक्रम संयोजक एवं कोषाध्यक्ष आलोक, प्रचार सचिव विशाल, महिला शाखा अध्यक्ष कविता, अनीता, उनकी टीम, योगेश, नम्रता, आस्था, सांस्कृतिक समिति, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

समारोह के समापन पर सभा ने शिक्षा, सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और युवा सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया। कुलश्रेष्ठ सभा का यह शताब्दी समारोह न केवल इतिहास का उत्सव बना, बल्कि आने वाले सौ वर्षों के लिए एक सशक्त संदेश भी छोड़ गया।