आगरा में राइफल साफ करते समय चली गोली, आईबीएम इंजीनियर की दर्दनाक मौत, पुलिस तीन एंगल से जांच में जुटी
आगरा। आगरा के थाना सदर क्षेत्र की महर्षिपुरम कॉलोनी में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। रिटायर्ड सूबेदार सत्यदेव शर्मा के 42 वर्षीय बेटे और आईबीएम के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ज्ञानेश शर्मा की राइफल साफ करते समय अचानक गोली चलने से मौत हो गई। गोली ठोड़ी के नीचे लगी और सिर को चीरते हुए बाहर निकल गई। गोली की आवाज सुनते ही उनकी पत्नी मनीषा छत पर पहुंची, जहां उन्होंने ज्ञानेश को खून से लथपथ हालत में गिरा पाया।
आगरा। आगरा के थाना सदर क्षेत्र की महर्षिपुरम कॉलोनी में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। रिटायर्ड सूबेदार सत्यदेव शर्मा के 42 वर्षीय बेटे और आईबीएम के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ज्ञानेश शर्मा की राइफल साफ करते समय अचानक गोली चलने से मौत हो गई। गोली ठोड़ी के नीचे लगी और सिर को चीरते हुए बाहर निकल गई। गोली की आवाज सुनते ही उनकी पत्नी मनीषा छत पर पहुंची, जहां उन्होंने ज्ञानेश को खून से लथपथ हालत में गिरा पाया।
हादसे के बाद पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ज्ञानेश के बड़े बेटे की उम्र 15 साल है जबकि छोटा बेटा 11 साल का है। दोनों उस समय स्कूल गए हुए थे।
हादसे के वक्त घर में कौन था?
घटना सुबह करीब 10 बजे की है। उस समय घर में सिर्फ ज्ञानेश और उनकी पत्नी मौजूद थे। उनके पिता और मां पास के ही एक गमी में गए थे। गोली चलने की आवाज सुनकर मनीषा तुरंत छत पर दौड़ीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के कुछ मिनट बाद पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए।
राइफल कैसे चली? पिता ने बताया घटनाक्रम
रिटायर्ड सूबेदार सत्यदेव शर्मा ने बताया कि यह सेमी-ऑटोमैटिक लाइसेंसी राइफल पहले उनके नाम थी, जिसे दो साल पहले उन्होंने ज्ञानेश के नाम कर दिया था। उन्होंने बताया कि राइफल की सफाई करते समय मैगजीन में एक राउंड बचा हुआ था। बेटे को इसका अनुमान नहीं था। जैसे ही उसने राइफल का हिस्सा खोला, उसी दौरान अचानक फायर हो गया। गोली सीधे ठोड़ी के नीचे लगी और ऊपर की ओर निकल गई। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच
सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। साइट से साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस जांच रही है कि क्या यह वास्तव में एक्सीडेंटल फायर था? क्या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गोली चलाए जाने की आशंका है? क्या यह आत्महत्या का मामला हो सकता है? एडीसीपी आदित्य कुमार के मुताबिक सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण से स्थिति स्पष्ट होगी।
परिवार सदमे में
पिता ने बताया कि बहू मनीषा घटना के बाद से सदमे में है और किसी से बात नहीं कर पा रही। परिवार समझ नहीं पा रहा कि एक छोटी-सी चूक इतनी बड़ी त्रासदी में कैसे बदल गई।