इमरजेंसी में फर्स्ट स्टेप सही तो बच सकती हैं जिंदगीः डॊ. उद्धव बंसल ने नये भर्ती पुलिसकर्मी किए ट्रेंड
आगरा। सड़क हादसों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस लाइंस परेड ग्राउंड में सिर की चोट को लेकर विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में न्यूरो सर्जन डॉ. उद्भव बंसल ने हादसे की स्थिति में उठाए जाने वाले प्राथमिक कदमों की जानकारी दी और युवाओं को सचेत रहने का संदेश दिया। सैकड़ों नए भर्ती पुलिसकर्मियों ने इसमें भाग लिया।
युवा पुलिसकर्मियों को मिली जरूरी ट्रेनिंग
शिविर में डॉ. बंसल ने बताया कि सिर की चोट किसी भी सड़क हादसे में सबसे खतरनाक साबित हो सकती है। दुर्घटना की स्थिति में घबराने की बजाय पीड़ित को करवट से लिटाना चाहिए, हेलमेट नहीं उतारना चाहिए और तुरंत आपातकालीन सेवा को कॉल करना चाहिए।
लक्षणों को पहचानना जरूरी
डॉ. बंसल ने युवाओं को सिर की चोट के खतरनाक लक्षण बताए। ये हैं-
लगातार उल्टी आना। चक्कर आना या धुंधला दिखना। कान या नाक से खून आना। व्यवहार में बदलाव या भ्रम की स्थिति याददाश्त कमजोर होना या कदम लड़खड़ाना। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए और मरीज को हिलाना-डुलाना खतरनाक हो सकता है।
100 से अधिक का बीएमडी आकलन
शिविर में 100 से अधिक प्रतिभागियों का बीएमडी (बोन मिनरल डेंसिटी) आकलन किया गया। साथ ही बायोस्थेसियोमेट्री जांच कर यह जाना गया कि पैरों का निचला हिस्सा कितना संवेदनशील है। करीब 80 लोगों ने इस जांच का लाभ उठाया, जबकि 70 से अधिक लोगों ने न्यूरो संबंधी परामर्श प्राप्त किया।
शिविर में डॉ. ओमप्रकाश बंसल, डॉ. सुमन बंसल और अंकित सहगल का विशेष सहयोग रहा। आयोजन के अतिथि एसीपी अक्षय मलिक थे।
कृष्ण लीला समिति अध्यक्ष और चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा, डॉ. उद्धव बंसल के प्रति आभार। आज जिस तेजी से सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, उसके लिए ऐसे जागरूकता अभियान बेहद जरूरी हैं। खासकर युवाओं को सचेत करना समय की मांग है। हमारी संस्था भी जल्द ही सड़क हादसों से संबंधित विशेष शिविर आयोजित करेगी।