शास्त्र नहीं तो शस्त्रः भ्रष्टाचार पर सख्त संयुक्त निदेशक शिक्षा का ऐलान
आगरा। शिक्षा विभाग की लापरवाही, फर्जी नियुक्तियों और अराजक व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए नवनियुक्त मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) डॉ. मुकेश अग्रवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि अब विभागीय कामकाज में न तो शिथिलता चलेगी और न ही अनुशासनहीनता। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल से भेंटवार्ता के दौरान उन्होंने कहा, यदि शास्त्र (नियम) से काम नहीं चला तो शस्त्र (दंड) से काम लिया जाएगा।
-फर्जी नियुक्तियों, अनुपस्थित अधिकारियों और लापरवाह लिपिकों पर होगी कड़ी कार्रवाई
महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार के नेतृत्व में हुए स्वागत कार्यक्रम में जेडी डॉ. अग्रवाल ने विभाग में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि आगरा जनपद में फर्जी नियुक्तियों की पत्रावलियां गायब हैं, जिसकी जिम्मेदारी पूर्व व वर्तमान लिपिकों पर है। कई लिपिक रिटायरमेंट के बाद कार्यभार सौंपे बिना कार्यालय की अलमारियों में ताले लगाकर चाबियां साथ ले गए हैं, जिससे जरूरी अभिलेख फंसे हुए हैं।
इस पर जेडी ने कहा कि यदि इस संबंध में लिखित शिकायत सौंपी जाती है तो वे जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अब अधिकारी और कर्मचारी पूरे समय कार्यालय में उपस्थित रहकर ही कार्य करें, अन्यथा स्थानांतरण करा लें। अब न तो शिथिलता चलेगी, न ही अनुपस्थिति बर्दाश्त होगी।
इस अवसर पर महासंघ के पदाधिकारियों ने पटका पहनाकर व माला अर्पित कर डॉ. मुकेश अग्रवाल का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. योगेंद्र सिंह, डॉ. दुष्यंत कुमार सिंह, हरिओम अग्रवाल व डॉ. के.पी. सिंह शामिल रहे।