नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर हुआ अमल तो एयरपोर्ट के बाहर के क्षेत्र की हो जाएगी कायापलट
आगरा। ताजमहल की नगरी अब सिर्फ अतीत की धरोहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य के वैश्विक शहर के रूप में भी पहचान बनाएगी। इसका आधार बनेगा आगरा का निर्माणाधीन सिविल एयरपोर्ट, जिसके आसपास के इलाके को लेकर उत्तर प्रदेश शासन के नोडल अधिकारी एवं परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने जो रिपोर्ट हाल ही में मुख्य सचिव को सौंपी है, वह इस क्षेत्र की किस्मत बदल सकती है।
ग्राम पंचायत से निकलेगा इलाका, निगम या विशेष विकास क्षेत्र बनेगा
नोडल अधिकारी की रिपोर्ट में कहा गया है कि आगरा-जगनेर रोड पर जहां सिविल एयरपोर्ट बन रहा है, वह क्षेत्र अभी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। ऐसे में इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित करना कठिन है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि इस क्षेत्र को या तो नगर निगम सीमा में शामिल किया जाए या एक विशेष विकास जोन घोषित कर यहां योजनाबद्ध और तेज़ी से विकास कराया जाए।
रिपोर्ट पर अमल हुआ गांवों का नक्शा ही बदल जाएगा
रिपोर्ट पर शासन ने यदि संजीदगी से विचार करते हुए अमल शुरू कर दिया तो आने वाले कुछ वर्षों में धनौली और आसपास के गांवों का नक्शा ही बदल जाएगा। जहां आज जर्जर सड़कें, जलभराव और अंधेरे की समस्या है, वहां कल चौड़ी सड़कें, स्ट्रीट लाइट्स, आधुनिक सीवर लाइन, पार्किंग और होटल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार एक नया आधुनिक आगरा हमारे सामने होगा।
एयरपोर्ट के बाहर भी चाहिए स्मार्ट सुविधाएं
नोडल अधिकारी ने ध्यान दिलाया है कि केवल रनवे और टर्मिनल बनाना ही पर्याप्त नहीं है। एयरपोर्ट के बाहर की दुनिया भी वैसी ही होनी चाहिए जो देश-विदेश से आने वाले अतिथियों को पहली झलक में ही आगरा की आधुनिकता का परिचय दे। अभी जिस क्षेत्र में सिविल एन्क्लेव बन रहा है, वहां स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगी हैं और बारिश में सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं।
संभावनाओं का द्वार खोलेगा विशेष विकास क्षेत्र
यदि शासन नोडल अधिकारी के सुझावों पर अमल करता है, तो न केवल एयरपोर्ट क्षेत्र का कायापलट होगा, बल्कि आगरा की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन से जुड़ी संभावनाएं भी कई गुना बढ़ेंगी। यह कदम भविष्य में ताज नगरी को एक प्रमुख वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।