चंबल के पिनाहट घाट पर नाविक घड़ियाल का आहार बन ही चुका होता अगर.....
आगरा। पास में ही दूसरे लोग मौजूद थे इसलिए आज एक नाविक को घड़ियाल के जबड़े से बचा लिया गया।
- गांव वाले एक नाविक को घड़ियाल के जबड़े से निकाल लाए
पिनाहट क्षेत्र में चंबल नदी के घाट पर बाह के बिजौली गांव का युवक यहां स्थित वाइल्ड लाइफ चंबल सफारी रिजॉर्ट का कर्मचारी है। रिजॉर्ट में आने वाले पर्यटकों को नाव से चंबल नदी में घूमकर घड़ियाल एवं अन्य वन्य जीव दिखाता है। आज सुबह माधो सिंह नमक यह नाविक अपनी नाव को किनारे लगाकर चंबल में नहाने लगा। नहाते वक्त ही एक मगरमच्छ ने युवक के पैर अपने जबड़े में जकड़ लिए और नदी में खींचकर ले जाने लगा।
नाविक बुरी तरह चीखा तो पास ही मौजूद अन्य लोग दौड़कर उसके पास पहुंच गए। घड़ियाल पर लाठी डंडों से प्रहार कर युवक को उसके जबड़े से छुड़ा लिया। घड़ियाल के हमले से घायल हुए नाविक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उसके एक पैर तथा दूसरी टांग में घुटने के नीचे घड़ियाल के दांतों से चोट आई है।
बता दें कि पिनाहट क्षेत्र में चंबल नदी के अंदर घड़ियाल अभ्यारण्य है। दशकों पहले इस नदी में वन्य जीव विभाग ने घड़ियाल छोड़े थे, जिनकी संख्या अब हजारों में हो चुकी है। यह घड़ियाल चंबल में उस वक्त छोड़े गए थे जब इस इलाके में दस्युओं की समस्या बहुत गंभीर थी। दस्यु गिरोह यूपी में अपराध कर मध्य प्रदेश या राजस्थान की सीमा में नदी को तैरकर पार करके निकल जाते थे। उस समय घड़ियाल का अभ्यारण बनाते समय एक सोच यह भी थी कि चंबल में घड़ियाल होने पर दस्यु चंबल नदी को पार करने के बारे में सोचेंगे भी नहीं।