दीपावली आज मना रहे हैं तो पूजन का शुभ समय जान लीजिए
अमावस्या के दो दिन होने के कुछ लोगों ने कल ही दिवाली मना ली थी जबकि बहुत सारे लोग आज दीपावली मना रहे हैं। जो लोग आज दिवाली मना रहे हैं, उन्हें किस मुहूर्त पर पूजन करना है, यह जानिए ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अरविंद मिश्रा से-
कार्तिक मास की अमावस्या को दीपावली का पर्व पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इसे रोशनी का पर्व भी कहा जाता है। दीपावली हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है। इस दिन लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए पहले से घरों की पुताई करके साफ सुथरा कर लिया जाता है। बच्चे उत्सव और उमंग में भरके पटाखे छोड़ते हैं।
कहा जाता है कि कार्तिक अमावस्या को भगवान श्री रामचंद्र जी 14 वर्ष का वनवास काटकर रावण को मार कर अयोध्या लौटे थे। अयोध्यावासियों ने श्री रामचंद्र जी के लौटने की खुशी में दीपमाला जलाकर महोत्सव मनाया था। आज के दिन व्यापारी अपने बही खाता बदलते हैं तथा लाभ हानि का ब्यौरा तैयार करते हैं ।
लक्ष्मी पूजन विधान
लक्ष्मी पूजन के लिए पहले सफेद दीवार को पोत लें। बाजार में आजकल दीपावली के पोस्टर पूजा हेतु मिलते हैं। इसे दीवार पर चिपका लें। दीवार पर गेरुआ रंग से गणेश जी लक्ष्मी जी के चित्र बनाकर भी पूजन करते हैं। तत्पश्चात गणेश लक्ष्मी की मिट्टी की प्रतिमा या चांदी की प्रतिमा बाजार से लाकर दीवार पर बनाए लक्ष्मी गणेश के चित्र के सामने रख लें।
सरस्वती जी, हनुमान जी, हटी, दीवट आदि खिलौने सजाकर ख़ील बतासे और धूप दीप से पूजन करें। इसके अतिरिक्त जिन देवी देवताओं को और मानते हो, उनकी पूजा करने मंदिर जाएं। साथ में जल, रोली, चावल, खील, बतासे अबीर, गुलाल, फूल, नारियल, मिठाई, धूप, दक्षिणा चढ़ाकर पूजा करें। मंदिर से घर आकर ठाकुर जी की पूजा करें। ( हनुमान जी की पूजा पुरुष लोग ही करें )।
कार्तिक अमावस्या के दिन तेल लगाकर स्नान करें। पितृ पूजा, कुल देवी, कुल देवता की पूजा आदि के उपरांत में दोपहर में पारण श्राद्ध करके प्रदोष समय में दीपदान करें। अमावस्या को बालक, वृद्ध और रोगियों को छोड़कर बाकी लोग व्रत करें। लक्ष्मी पूजन के बाद भोजन करें।
पूजन का अति शुभ समय
लोहा उद्योग, वाहन उद्योग, पेट्रोल पंप, मशीनरी उद्योग, केमिकल उद्योग, दवा व्यापारी, चर्म उद्योग, जूता उद्योग आदि से जुड़े लोग दोपहर 1:49 मिनट से दोपहर 3:18 मिनट तक पूजन करें।
आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोग, विद्यालय, समाचार पत्र के कार्यालय, बुक सेलर, प्रिंटिंग प्रेस, पूजा सामाग्री आदि से जुड़े लोग दोपहर 3:18 मिनट से 4:45 मिनट तक पूजन कर सकते हैं।
वाहन उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी, फिल्म जगत से जुड़े लोग, इत्र व्यापारी, वस्त्र उद्योग, किराना उद्योग, आभूषण उद्योग, राजनीति से जुड़े aur गृहस्थ लोग आदि सभी सायं 6:22 मिनट से रात्रि 8:19 मिनट तक पूजन कर सकते हैं।
बैंकिंग क्षेत्र, व्यापारी वर्ग, सीए अकाउंटेंट, बौद्धिक कार्य करने वाले लोग रात्रि 8:19 मिनट से रात्रि 10:33 मिनट तक पूजन कर सकते हैं।
माता लक्ष्मी जी की विशेष पूजा एवं सिद्धि करने वाले लोग रात्रि 12:51 मिनट से प्रातः 3:09 मिनिट तक पूजन कर सकते हैं।