आगरा में रोड किनारे चल रहा था घरेलू गैस का अवैध गोदाम, 130 घरेलू सिलेंडरों का अवैध जखीरा पकड़ा
आगरा के बसई जगनेर थाना क्षेत्र के तांतपुर में आपूर्ति विभाग और प्रशासन ने संयुक्त छापेमारी कर रोड किनारे बने एक अवैध गोदाम से 130 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। इनमें 2 सिलेंडर भरे हुए पाए गए। मौके पर दस्तावेज नहीं मिलने से अवैध भंडारण, कालाबाजारी और व्यावसायिक उपयोग की आशंका गहरा गई है। अधिकांश सिलेंडर इंडेन कंपनी के बताए जा रहे हैं। गोदाम मालिक से पूछताछ जारी है और सप्लाई विभाग सिलेंडरों के स्रोत व संबंधित गैस एजेंसी की भूमिका की जांच कर रहा है।
बसई जगनेर में अवैध LPG स्टॉकिंग पर कार्रवाई, सप्लाई विभाग ने मारा छापा
आगरा। आगरा में एक तरफ जहां आम उपभोक्ता घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर बसई जगनेर थाना क्षेत्र के तांतपुर में घरेलू गैस सिलेंडरों का बड़ा अवैध जखीरा पकड़े जाने से सप्लाई सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रोड किनारे संचालित एक संदिग्ध गोदाम पर आपूर्ति विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मारकर 130 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। इनमें 2 सिलेंडर भरे हुए बताए जा रहे हैं, जबकि बाकी सिलेंडरों की स्थिति और स्रोत की जांच की जा रही है।
शुक्रवार दोपहर आपूर्ति निरीक्षक अमरनाथ मौर्य और खेरागढ़ तहसील के नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह के नेतृत्व में टीम ने तांतपुर स्थित गोदाम पर दबिश दी। जैसे ही गोदाम का दरवाजा खोला गया, अंदर का नजारा देखकर टीम के सदस्य भी चौंक गए। गोदाम में बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर एकत्र कर रखे गए थे।
मौके पर मौजूद लोगों और स्थानीय ग्रामीणों में भी हलचल मच गई। देखते ही देखते छापे की खबर फैल गई और गोदाम के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि जब आम लोग सिलेंडर के लिए परेशान हैं, तब इतने बड़े पैमाने पर घरेलू गैस सिलेंडरों को आखिर किस मकसद से जमा किया गया था।
गोदाम मालिक से पूछताछ, दस्तावेज नहीं मिले
छापेमारी के दौरान मौके पर अशोक कुमार सिंघल नामक व्यक्ति मिला। पूछताछ में उसने गोदाम से अपना संबंध बताया। प्रशासनिक टीम ने जब गोदाम में रखे सिलेंडरों से संबंधित वैध दस्तावेज, लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर और आपूर्ति स्रोत की जानकारी मांगी, तो मौके पर मौजूद लोग कोई संतोषजनक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बरामद सिलेंडरों में अधिकांश इंडेन कंपनी के घरेलू सिलेंडर हैं। ऐसे में यह आशंका और गहरी हो गई है कि सिलेंडरों का उपयोग घरेलू आपूर्ति के बजाय किसी अन्य अवैध उद्देश्य, जैसे कालाबाजारी, अवैध रीफिलिंग या व्यावसायिक उपयोग, के लिए किया जा सकता था।
‘2 सिलेंडर भरे, बाकी की भी जांच’
आपूर्ति निरीक्षक अमरनाथ मौर्य ने बताया कि बरामद 130 सिलेंडरों में से 2 सिलेंडर भरे हुए पाए गए हैं। बाकी सिलेंडरों की स्थिति, नंबर, एजेंसी लिंक और वितरण रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर सिलेंडर किस गैस एजेंसी से आए, किस नाम पर बुक हुए और इन्हें गोदाम में क्यों जमा किया गया।
गैस एजेंसियों पर भी उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय गैस एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह स्टॉक किसी एजेंसी की मिलीभगत से यहां पहुंचा, या फिर घरेलू कनेक्शनों के जरिए सिलेंडर इकट्ठा कर अवैध भंडारण किया जा रहा था। यदि ऐसा है, तो यह सिर्फ अवैध स्टॉकिंग का मामला नहीं बल्कि घरेलू गैस वितरण प्रणाली में बड़ी सेंध का संकेत भी हो सकता है।
सुरक्षा की दृष्टि से भी बड़ा खतरा
रोड किनारे इतनी बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि बड़ा सुरक्षा जोखिम भी है। यदि किसी कारणवश आग लगती या रिसाव होता, तो आसपास के क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई न होती, तो यह गोदाम कभी भी जानलेवा साबित हो सकता था।
अब क्या होगा आगे?
फिलहाल आपूर्ति विभाग ने सिलेंडरों को कब्जे में लेकर उनकी गिनती, नंबर मिलान, कंपनी सत्यापन और स्रोत जांच शुरू कर दी है। गोदाम मालिक अशोक बंसल/अशोक कुमार सिंघल (मौके पर सामने आए नामों के आधार पर प्रशासनिक स्पष्टता लंबित) से पूछताछ जारी है। जांच के बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम, एलपीजी नियंत्रण आदेश और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।