अवैध रिश्ते का खूनी अंजाम: पत्नी-प्रेमी ने बिजली मिस्त्री की हत्या के बाद रची आत्महत्या थी की साजिश, अवैध रिश्तों की खतरनाक प्रवृत्ति गांवों तक गहराई तक पहुंच रही
आगरा। आगरा के थाना एकता क्षेत्र के लोधई गांव में एक युवक की हत्या का जो सच सामने आया है, उससे रिश्तों की मर्यादा तो तार-तार कर दीं। इस मामले में पत्नी गौरी ने अपने चचेरे देवर सुंदर के साथ मिलकर पति लवकेश (24) की हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखे से लटका दिया। हैरानी की बात यह कि हत्या के बाद पत्नी ने दो दिन तक रोने का नाटक किया और परिजनों की आंखों में धूल झोंकते हुए अंतिम संस्कार भी करा दिया।

गौरी और उसके चचेरे देवर सुंदर का फाइल फोटो, जिन पर हत्या का आरोप है।
आगरा के थाना एकता क्षेत्र के लोधई गांव में सामने आया यह मामला केवल एक युवक की हत्या नहीं है, बल्कि समाज में तेजी से बढ़ते अवैध रिश्तों की उस खतरनाक प्रवृत्ति का उदाहरण है, जो अब गांवों तक गहराई से पहुंच चुकी है। 24 वर्षीय लवकेश, जो पेशे से बिजली मिस्त्री था और अपने परिवार में पांच बहनों का इकलौता भाई था, उसकी हत्या उसकी ही पत्नी गौरी ने अपने चचेरे देवर सुंदर के साथ मिलकर कर दी। इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया और परिजनों को गुमराह कर अंतिम संस्कार तक करा दिया गया।
लवकेश की शादी चार साल पहले धौलपुर के सहपऊ निवासी गौरी से हुई थी। दोनों का तीन साल का एक बेटा भी है। 10 फरवरी की सुबह करीब चार बजे गौरी ने लवकेश के पिता, सुरेश चंद तोमर, जो बेलनगंज क्षेत्र में नौकरी करते हैं, को फोन कर बताया कि उनके बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। गौरी ने दावा किया कि लवकेश दूसरे कमरे में सो रहे थे और जब वह वहां पहुंची तो उन्हें फंदे पर लटका पाया। परिजनों ने बहू की बातों पर भरोसा किया और बगैर किसी कानूनी औपचारिकता के उसी दिन अंतिम संस्कार कर दिया गया।
लेकिन हत्या के अगले दिन, जब घर में मृतक की आत्मा की शांति के लिए हवन-पाठ चल रहा था, तब परिजनों को गौरी के व्यवहार पर शक हुआ। उसकी गतिविधियां सामान्य शोकाकुल पत्नी जैसी नहीं लग रही थीं। सबसे बड़ा संदेह तब गहराया जब यह चर्चा सामने आई कि फंदे पर लटकते समय लवकेश के पैर जमीन को छू रहे थे। परिवार की महिलाओं ने जब गौरी से सख्ती से सवाल किए और पुलिस को बुलाने की बात कही, तो वह घबरा गई और उसने पूरा जुर्म कबूल कर लिया।
गौरी ने बताया कि वह पिछले पांच महीने से अपने चचेरे देवर सुंदर के साथ अवैध रिश्ते में थी। दोनों छिपकर मिलते थे, लेकिन लवकेश को इसकी भनक लग चुकी थी, जिसके चलते घर में लगातार झगड़े हो रहे थे। 9 फरवरी की रात सुंदर चोरी-छिपे गौरी से मिलने घर आया था। उसी दौरान लवकेश की नींद खुल गई और उसने दोनों को साथ देख लिया। पकड़े जाने के डर और झगड़े के बाद दोनों ने मिलकर लवकेश को बेड पर लिटाया और तकिए से मुंह दबाकर तब तक दबाए रखा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इसके बाद साड़ी का फंदा बनाकर शव को पंखे से लटका दिया गया ताकि मामला आत्महत्या लगे।
थाना एकता पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पत्नी गौरी और उसके प्रेमी सुंदर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई।
यह पूरा घटनाक्रम एक गंभीर सवाल खड़ा करता है कि आखिर अवैध रिश्ते अब हत्या तक क्यों पहुंच रहे हैं। पहले ऐसे मामले शहरों में सुनाई देते थे, लेकिन अब गांवों में भी यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। जहां कभी पारिवारिक नियंत्रण, सामाजिक भय और रिश्तों की मर्यादा मजबूत मानी जाती थी, वहीं अब वही गांव अवैध संबंधों और अपराधों के गवाह बन रहे हैं। मोबाइल फोन, गुप्त मुलाकातें और रिश्तों में संवाद की कमी ने हालात को और खतरनाक बना दिया है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ऐसे मामलों में समस्या का समाधान अलगाव या सच बोलने के बजाय हत्या को चुना जा रहा है। बदनामी के डर और सामाजिक दबाव के चलते इंसान अपने ही जीवनसाथी को रास्ते से हटाने तक को तैयार हो जाता है। इस अपराध में सिर्फ लवकेश की जान नहीं गई, बल्कि एक मासूम बच्चा पिता से, माता-पिता बेटा से और समाज अपने ही बनाए रिश्तों पर भरोसे से वंचित हो गया।
यह मामला चेतावनी है कि अगर अवैध रिश्तों को केवल निजी मामला मानकर अनदेखा किया गया, तो इसके परिणाम और भी घातक होंगे। रिश्तों में ईमानदारी, संवाद और समय रहते समाधान ही ऐसे अपराधों को रोक सकते हैं, वरना गांव हो या शहर, हर जगह रिश्तों का खून यूं ही बहता रहेगा।