नगर निगम कार्यकारिणी में डोर-टू-डोर चार्ज, रोड कटिंग, सफाई, ट्री गार्ड और गृहकर पर अहम फैसले

आगरा। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार को कई वजहों से चर्चा में रही। जहां एक ओर पार्षदों ने डोर टू डोर यूजर चार्ज की ऊंची दरों पर सवाल उठाए, वहीं दूसरी ओर कार्यकारिणी कक्ष की छत का हिस्सा गिर जाने से यह बैठक सदन कक्ष में आयोजित करनी पड़ी। बैठक में रोड कटिंग से लेकर सफाई व्यवस्था, ट्री गार्ड लगाने, गृहकर निर्धारण और शोभायात्राओं के अनुदान तक कई प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय हुआ।

Jul 1, 2025 - 21:49
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नगर निगम कार्यकारिणी में डोर-टू-डोर चार्ज, रोड कटिंग, सफाई, ट्री गार्ड और गृहकर पर अहम फैसले
सदन कक्ष में आयोजित कार्यकारिणी बैठक के दौरान कार्यकाल पूरा होने पर छह सदस्यों को विदाई दी गई। इसी दौरान का एक चित्र।

-कार्यकारिणी कक्ष की सीलिंग गिरने से सदन में हुई कार्यकारिणी बैठक, कार्यकाल पूरा होने पर छह सदस्यों को दी गई विदाई

नगर निगम कार्यकारिणी कक्ष की सीलिंग का एक हिस्सा गिरने से कक्ष के फर्श पर पड़ा मलबा।

यूजर चार्ज घटाने की उठी मांग

कार्यकारिणी सदस्य एवं पार्षद रवि बिहारी माथुर ने डोर-टू-डोर यूजर चार्ज को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि छोटी दुकानों से 180 रुपये और छोटे मकानों से 100 रुपये तक लिया जाना आमजन पर बोझ है। उन्होंने मांग की कि इस रेट को तत्काल कम किया जाए।
इस पर निगम अधिकारियों ने जवाब दिया कि यह दर शासन से अनुमोदित है और सदन द्वारा पारित की जा चुकी है। लेकिन रवि माथुर ने दो टूक कहा कि शासन का प्रस्ताव मान लेना ही समाधान नहीं है, शहर की जरूरतों के हिसाब से फैसले लेने होंगे। अंततः तय हुआ कि पार्षदों के साथ बैठक कर यूजर चार्ज का रिव्यू होगा और नई दरें निर्धारित कर पुनः सदन से पास कराई जाएंगी। रवि माथुर ने कहा कि जब तक नई दरें, लागू न हों, तब तक यूजर चार्ज न वसूला जाए।

रोड कटिंग के लिए पार्षद की अनुमति अनिवार्य

बैठक में रोड कटिंग को लेकर भी सदस्यों ने आक्रामक रुख अपनाया। उप सभापति हेमलता चौहान ने यह प्रस्ताव रखते हुए कहा कि प्राइवेट कंपनियां 30 मीटर रोड कटिंग की अनुमति लेती हैं और कटिंग 60 मीटर तक करती हैं। इसके बाद का काम क्वालिटी से नहीं किया जाता। निगम अफसरों ने कहा कि ऐसे मामले सामने आने पर हमने टोरंट पॊवर पर 36 लाख का जुर्माना लगाया है। इस पर हेमलता ने कहा कि जुर्माना समाधान नहीं है। कंपनियों द्वारा रोड कटिंग के कारण पैदा की जा रही समस्याओं का समाधन होना चाहिए। यह तय हुआ कि प्राइवेट कंपनी को रोड कटिंग की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक संबंधित क्षेत्र के पार्षद की सहमति प्राप्त न हो।

गृहकर निर्धारण और सफाई व्यवस्था पर भी उठे सवाल

पार्षद रवि माथुर ने गृहकर से छूटी बहुमंजिली इमारतों और व्यावसायिक भवनों की जानकारी मांगी। अधिकारियों ने बताया कि 15,000 मकानों का सर्वे हो चुका है। रवि माथुर ने इसे धीमी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि अप्रैल से जून तक तक का समय ऐसा था जब कैंप लगाकर यह काम तेजी से निपटाया जा सकता था। इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिया कि अगले 15 दिन के अंदर कैंप लगाकर वंचित भवनों के असिस्मेंट मौके पर ही किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी पूछा कि सफाईकर्मियों के गैंग शहर में कहां कार्यरत हैं। अफसरों ने 364 कर्मियों की जानकारी दी, जबकि माथुर का दावा था कि 700 कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक पार्षद को 10-10 सफाई कर्मी दिए गए होते तो आज नाले-नालियों की सफाई पूरी हो चुकी होती और शहर में जलभराव की नौबत नहीं आती।

ट्री गार्ड और शोभायात्रा पर फैसले

हेमलता चौहान के प्रस्ताव पर पारित हुआ कि नगर निगम द्वारा लगाए गए पौधों के लिए ट्री गार्ड लगाए जाएंगे ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पार्षद बद्री प्रसाद माहौर के प्रस्ताव पर झलकारी बाई शोभायात्रा के अनुदान को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये किया गया।

आरटीआई में आधार कार्ड मांगा जाए

सदस्य रवि माथुर ने यह भी प्रस्ताव दिया कि आरटीआई आवेदनकर्ता से आधार कार्ड अनिवार्य रूप से लिया जाए, ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके। उन्होंने कहा कि आरटीआई के दुरुपयोग के बहुत मामले सामने आ रहे हैं। आधार कार्ड मांगने से इसके दुरुपयोग में कमी आएगी

छह सदस्यों का कार्यकाल पूरा, हुई विदाई

बैठक में कार्यकारिणी के छह सदस्यों का दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर विदाई दी गई। ये सदस्य हैं- उप सभापति हेमलता चौहान, रवि बिहारी माथुर, बद्री प्रसाद माहौर, बनवारी लाल, हरिओम गोयल, गजेंद्र पिपल। हालांकि इस विदाई समारोह को लेकर भी पार्षद रवि माथुर ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किस बात का सम्मान कराएं। दो साल के कार्यकाल में कार्यकारिणी की 24 बैठकें होनी चाहिए थीं, लेकिन केवल चार हुईं। इसमें भी जो निर्णय हुए, उन पर अमल नहीं हुआ।

ज्ञातव्य है कि कार्यकारिणी में 12 पार्षद सदस्य होते हैं, जिनमें से एक उप सभापति चुना जाता है। छह सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने के बाद जल्द छह नये सदस्यों का चुनाव कराना पड़ेगा।

बैठक से पहले कार्यकारिणी कक्ष की सीलिंग गिरी

बैठक शुरू होने से ठीक पहले कार्यकारिणी सभा कक्ष की सीलिंग का हिस्सा गिर गया, जिससे बैठक को सदन कक्ष में स्थानांतरित करना पड़ा। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना नगर निगम की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठा गई।

एजेंडा बदलने पर भी उठा था विवाद

कार्यकारिणी की आज हुई बैठक भी पिछले दिनों तब विवाद में आ गई थी जब बैठक से पहले एजेंडा अचानक बदल दिया गया। पहले के एजेंडे में सदस्यों के प्रस्ताव शामिल थे। संशोधित एजेंडे में कहा गया कि अब केवल छह सदस्यों की विदाई होगी। इस पर पार्षद रवि माथुर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल पूछा कि किस नियम के तहत एक बार जारी एजेंडे को बदला गया है। उन्होंने यह भी सवाल किया था कि किस नियम के तहत कार्यकारिणी की बैठक छह सदस्यों की विदाई के लिए बुलाई जा रही है। पार्षद माथुर की आपत्तियों के बाद ही सदस्यों के प्रस्तावों पर चर्चा की बात तय हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्षदों को नियमित बैठकें मिलनी चाहिए। दो माह में एक सदन और एक माह में कार्यकारिणी की बैठक नियम के अनुसार होनी चाहिए, लेकिन दो वर्षों में सिर्फ चार बैठकें ही हुईं।

SP_Singh AURGURU Editor