आगरा में ई-बस जागरूकता डॉक्यूमेंट्री का प्रभावशाली प्रदर्शन, सुरक्षा-सतर्कता का दिया सशक्त संदेश
आगरा। तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों के दौर में सुरक्षा और सतर्कता को लेकर समाज को जागरूक करने की दिशा में एक अहम पहल आगरा के सूरसदन सभागार में देखने को मिली। यहां ‘ई-बस’ नामक जागरूकता डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक बसों में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों से बचाव के उपायों को आमजन तक पहुंचाना रहा।
शाम 5 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। सभी अतिथियों को पटुका व माला पहनाकर सम्मानित किया गया, वहीं डॉक्यूमेंट्री फिल्म में योगदान देने वाले कलाकारों और टीम सदस्यों को भी मंच से सम्मान प्रदान किया गया।
इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन रॉबिन कृष्णा सिंह ने किया है। फिल्म जयपुर में इलेक्ट्रिक बस में लगी आग की वास्तविक घटना से प्रेरित है। फिल्म के माध्यम से यह बताया गया है कि ऐसी आपात परिस्थितियों में घबराने के बजाय किस प्रकार सतर्कता, समझदारी और सही कदम उठाकर जान-माल की रक्षा की जा सकती है।
दृष्टि ज्ञान आगरा समिति एवं दृष्टि ज्ञान वंदे संध्या नामक एनजीओ के संस्थापक प्रशान्त कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री के.के. शर्मा को समर्पित है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते उपयोग के साथ सुरक्षा संबंधी जानकारी का आमजन तक पहुंचना अत्यंत आवश्यक है, और यह फिल्म उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
कार्यक्रम का कुशल संचालन ऐंकर पूजा अग्निहोत्री ने किया, जबकि प्रोजेक्ट हेड संजीता रहीं। इस अवसर पर भजन संध्या, नृत्य एवं कथक नृत्य जैसी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिससे कार्यक्रम में जागरूकता के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना का भी सुंदर समन्वय देखने को मिला।
आयोजकों ने बताया कि यह आयोजन केवल फिल्म प्रदर्शन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य समाज को मनोरंजन के साथ उपयोगी और जीवनरक्षक संदेश देना रहा। इलेक्ट्रिक वाहनों के सुरक्षित उपयोग को लेकर यह डॉक्यूमेंट्री भविष्य में भी जनजागरूकता का मजबूत माध्यम बनेगी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में राजेन्द्र बंसल, अंबिकेश पाण्डेय, अनिल ओझा, सुशील मिश्रा, दीपेंद्र रघुवंशी, सिद्धार्थ त्रिपाठी, नीरज गुप्ता, चतुर्भुज तिवारी सहित अनेक सहयोगियों की सक्रिय भूमिका रही।