नंबर वन पर काजू कतली और रसमलाई, पर ये क्या ? भाई दूज पर सवेरे ही निपट गई मिठाई! जो हाथ लगा तुलाया

आगरा। इस दीवाली मिठाई की खरीद के मानो सब रिकॉर्ड टूट गए हों। पंचोत्सव के आखिरी दिन यानि आज भाई दूज पर हालात यह रहे कि बहनें अपने भाईयों की मनचाही मिठाई नहीं खरीद सकीं। अधिकांश दुकानों पर मिठाई सवेरे ही निपट गई थी। ऐसे में खाली हाथ जाने से बचने के लिए बहनों के जो हाथ पड़ा उन्होंने वही खरीद लिया। भले ही काजू कतली बहनों की पहली पसंद हो लेकिन बूंदी के लड्डू नसीब होना भी बड़ी बात रही।

Nov 3, 2024 - 15:00
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नंबर वन पर काजू कतली और रसमलाई, पर ये क्या ? भाई दूज पर सवेरे ही निपट गई मिठाई! जो हाथ लगा तुलाया
कमलानगर के दो प्रतिष्ठित मिष्ठान केंद्रों पर आज दोपहर से पहले खरीददारों की भीड़।

बहनों के लिए भाई दूज का त्योहार बहुत मायने रखता है। वे पूरे साल इसका बेसब्री से इंतजार करती हैं। हर किसी की चाह होती है कि वे अपने भाईयों के लिए उनकी मनचाही मिठाई लेकर जाएं। बल्केश्वर की पूजा अपने भाई के लिए काजू कतली लेने कमला नगर आई थीं। एक प्रमुख मिष्ठान भंडार पर उन्हें यह नहीं मिली। इसके बाद दो जगह और जाकर देखा पर काजू कतली नहीं मिली। ऐसे में राजभोग से काम चलाना पड़ा। कमलानगर की ही रजनी के भाई को मिल्क केक पसंद है। भाई दूज पर मिल्क केक खरीदना चाहती थीं। वह भी किसी अच्छी और नामी दुकान से। वो कमलानगर में ही ऐसे दो स्थानों पर गईं लेकिन मिल्क केक खत्म हो चुका था। ऐसे में रजनी ने खोए की बर्फी लेकर लेकर काम चलाया। कई जगह मिल्क केक की जगह लोगों ने मलाई लड्डू या मलाई बर्फी खरीदी। बड़े प्रतिष्ठानों पर तो बूंदी के लड्डू नसीब होना भी आज बडी बात रहा।

बाजार में आज सबसे ज्यादा डिमांड काजू कतली, रसमलाई, रबड़ी, सोन पापड़ी, रसगुल्ला, छैना, मेवा लड्डू जैसी मिठाईयों की है, लेकिन दोपहर से पहले अधिकांश बड़े प्रतिष्ठान खाली से नजर आने लगे थे। सुबह से ही मिठाई की दुकानों पर इतनी भीड़ थी कि कदम रखने को जगह नहीं मिल रही थी। लोग लाइनें लगाकर अपनी बारी आने का इंतजार करते नजर आए। 

SP_Singh AURGURU Editor