लास्ट डेट पर भी आयकर साइट क्रैश, यह ‘फाइल, स्माइल एंड गो’ नहीं, ‘क्रैश, रिफ्रेश एंड क्राई’
‘फाइल, स्माइल एंड गो’ सरकार का टैगलाइन है, लेकिन हकीकत में आज लगातार दूसरे दिन करदाताओं और अधिवक्ताओं की हालत ‘क्रैश, रिफ्रेश एंड क्राई’ जैसी हो गई। आयकर विभाग की वेबसाइट आज सुबह 10 बजे से पहले कुछ देर तक तो चली, मगर उसके बाद से पूरी तरह क्रैश हो गई।
आगरा। आयकर रिटर्न और एडवांस टैक्स की फाइलिंग की अंतिम तिथि 15 सितम्बर को आयकर विभाग का पोर्टल फिर ठप हो गया। लगातार दूसरे दिन वेबसाइट क्रैश होने से अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और करदाता त्राहि-त्राहि कर उठे। सरकार की टैगलाइन ‘फाइल, स्माइल एंड गो’ आज मजाक बनकर रह गई और करदाताओं की हालत ‘क्रैश, रिफ्रेश एंड क्राई’ जैसी हो गई।
साइट न चलने से टैक्सपेयर्स पर डबल मार
आज अंतिम तिथि होने के बावजूद सुबह 10 बजे के बाद पोर्टल ने काम करना बंद कर दिया। इससे लाखों लोग अपना रिटर्न फाइल और एडवांस टैक्स जमा नहीं कर पाए। अब जब वे कल यानि एक दिन बाद भी अपना टैक्स जमा करेंगे तो उन्हें तीन महीने का फाइन देना पड़ेगा।
कल दिन में भी नहीं हुआ था काम, रातभर जागे अधिवक्ता और सीए
14 सितम्बर को भी वेबसाइट दिनभर ठप रही थी। रात 11 बजे के बाद पोर्टल चालू हुआ तो अधिवक्ता और चार्टर्ड अकाउंटेंट पूरी रात जागकर रिटर्न फाइल करते रहे। आज सुबह भी साढ़े सात बजे से 10 बजे तक साइट कुछ देर चली, मगर उसके बाद फिर क्रैश हो गई। दस बजे के बाद साइट पर कोई काम नहीं हो पा रहा था। आगरा के पेशेवरों ने देश के दूसरे शहरों में बात की तो पता चला कि हर जगह यही समस्या है।
अत्यधिक लोड से लगातार क्रैश
जानकार सूत्रों का कहना है कि अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में लोग रिटर्न फाइल करने पहुंचते हैं। इस बार देश भर से रिकॉर्ड 12 करोड़ से ज्यादा रिटर्न फाइल हो चुके हैं, जबकि पहले यह संख्या लाखों में होती थी। इतनी अधिक बढ़ोतरी के बावजूद आयकर विभाग ने पोर्टल को अपग्रेड नहीं किया, नतीजतन साइट बार-बार लोड सहन न कर पाने से क्रैश हो रही है।
वित्तमंत्री से सम्पर्क साधने में नाकामी
बीते दो दिनों से देशभर से कई संस्थाओं ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से सम्पर्क करने की कोशिश की, ताकि वेबसाइट की समस्या बताई जा सके। मगर लगातार प्रयासों के बावजूद उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। इससे करदाताओं और पेशेवरों की नाराज़गी और बढ़ गई है।
तारीख बढ़ाने की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया
वरिष्ठ कर अधिवक्ता अनिल वर्मा, जो नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स के आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन हैं, पहले ही वित्तमंत्री को पत्र लिखकर अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन वित्त मंत्रालय ने इस पर ध्यान नहीं दिया। एडवोकेट अनिल वर्मा का कहना है कि जब सरकार खुद पोर्टल को सुचारू रूप से नहीं चला पा रही है, तो करदाताओं पर अतिरिक्त जुर्माना थोपना अन्याय है।
गुस्से में करदाता, अधिवक्ता और सीए
साइट बार-बार क्रैश होने से अधिवक्ताओं और सीए का गुस्सा चरम पर है। कई जगह करदाताओं ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में पोर्टल को ‘माला’ पहनाकर अपनी नाराज़गी जाहिर की। उनका कहना है कि हर बार अंतिम दिनों में यही समस्या दोहराई जाती है और सरकार कोई ठोस समाधान नहीं निकालती।