लॉर्ड्स में 142 साल के इंतजार के बाद खेले गए पहले महिला टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हराया, यस्तिका के शतक और क्रांति गौड़ की घातक गेंदबाजी से रचा इतिहास
लंदन। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में से एक लॉर्ड्स पर इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन से हराकर यादगार जीत दर्ज की। यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक रहा, क्योंकि लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के 142 वर्षीय इतिहास में पहली बार महिला टेस्ट मैच आयोजित किया गया और इस ऐतिहासिक मुकाबले की विजेता भारतीय टीम बनी। कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय खिलाड़ियों ने सभी विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया।
पहली पारी में मंधाना, हरमन और दीप्ति ने संभाली जिम्मेदारी
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत की शुरुआत निराशाजनक रही और शेफाली वर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। शुरुआती झटके के बावजूद स्मृति मंधाना ने 83 रन की संयमित पारी खेली। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 और दीप्ति शर्मा ने 57 रन जोड़कर पारी को मजबूती दी। इन पारियों की बदौलत भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए।
इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन फिलर ने दो-दो विकेट हासिल किए।
क्रांति गौड़ की घातक गेंदबाजी से इंग्लैंड पहली पारी में बिखरा
पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 170 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके और मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। सयाली सतघारे और स्नेह राणा ने दो-दो विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली।
इंग्लैंड के लिए एमी जोन्स ने 52 और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने 44 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके। भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।
यस्तिका भाटिया ने रचा नया इतिहास
दूसरी पारी में भारत ने आक्रामक शुरुआत की। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 88 रन जोड़े। इसके बाद यस्तिका भाटिया ने शानदार शतक लगाकर इतिहास रच दिया। वह लॉर्ड्स में टेस्ट शतक बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। उन्होंने 113 रन की शानदार पारी खेली और भारत की बढ़त को विशाल बना दिया।
यस्तिका ने स्मृति मंधाना के साथ 73 रन तथा दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन की साझेदारी निभाई। अंतिम चरण में ऋचा घोष ने नाबाद 50 और सयाली सतघारे ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत का स्कोर सात विकेट पर 341 रन तक पहुंचाया। इसके साथ ही इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का कठिन लक्ष्य रखा गया।
इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन ने दूसरी पारी में पांच विकेट लिए, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।
भारतीय गेंदबाजों ने चौथे दिन दिलाई ऐतिहासिक जीत
457 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर मेजबान टीम को दबाव में ला दिया। टैमी ब्यूमोंट, माया बुशियर, हीदर नाइट और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट जल्दी आउट हो गईं।
हालांकि एमी जोन्स ने 54 और सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने वापसी का कोई मौका नहीं दिया। स्नेह राणा ने चार विकेट झटके, जबकि सयाली सतघारे, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट लेकर इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 रन पर समेट दी।
दो खिलाड़ियों ने बनाया अनोखा इतिहास
इस मुकाबले में यस्तिका भाटिया लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं, जबकि क्रांति गौड़ इस मैदान पर महिला टेस्ट में पांच विकेट लेने वाली पहली गेंदबाज बनीं। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।