पाक बार्डर पर कल गरजेंगे वायुसेना के विमान, बड़े युद्धाभ्यास का एलान

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। इस बीच भारत ने फैसला किया है कि सात मई को भारतीय सेना पाक सीमा पर युद्धाभ्यास करेगी। यह युद्धाभ्यास बड़े पैमाने पर होगा। इस संबंध में नोटिस टू एयर मैन जारी कर दिया गया है। इसे शार्ट में नोटैम भी कहते हैं। 

May 6, 2025 - 20:29
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पाक बार्डर पर कल गरजेंगे वायुसेना के विमान, बड़े युद्धाभ्यास का एलान

भारतीय वायु सेना राजस्थान में बॉर्डर के पास अपनी ताकत दिखाएगी। इंडियन एयरफोर्स की तैयारी को लेकर ये हवाई अभ्यास किया जा रहा है। सीमा पर तनाव को देखते हुए, यह अभ्यास भारत की सतर्कता का भी संकेत है।

भारतीय वायु सेना 7 और 8 मई को राजस्थान में पाकिस्तान सीमा के पास एक बड़ा हवाई अभ्यास करेगी। नोटैम  का मतलब है, विमान पायलट को दी जाने वाली सूचना। यह अभ्यास वायुसेना की नियमित तैयारी का हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक, यह एक्सरसाइज एयरफोर्स कई जगहों पर एक साथ करेगा। एयरफोर्स के अलग-अलग बेस से फाइटर उड़ान भरेंगे। जैसलमेर, पोखरण, जोधपुर और बीकानेर में यह एक्सरसाइज होगी। इसमें फाइटर जेट रफाल, सुखोई-30, मिराज भी शामिल होंगे।

नोटैम के अनुसार, ये अभ्यास 7 मई को दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा और 8 मई को रात 9:30 बजे तक चलेगा। इस दौरान, उस क्षेत्र में हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल सीमित रहेगा। इसका मतलब है कि उस क्षेत्र में विमानों की आवाजाही पर कुछ रोक रहेगी। इस अभ्यास में, फाइटर जेट के साथ-साथ सर्विलांस एयरक्राफ्ट शामिल होंगे।

भारतीय वायुसेना जंग जैसे हालात को लेकर अपनी तैयारी के तौर पर ये प्रदर्शन करेगी। हाल ही में बॉर्डर पर हुई घटनाओं के बाद, इस अभ्यास का समय और स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्रालय ने इस अभ्यास को सीधे तौर पर हाल की घटनाओं से नहीं जोड़ा है। लेकिन, यह अभ्यास भारत की सैन्य तैयारी को दर्शाता है। यह क्षेत्रीय चिंताओं के बीच सतर्क रहने का एक संकेत भी है।

मंत्रालय ने कहा है कि यह अभ्यास भारत की सैन्य तैयारी का प्रदर्शन और क्षेत्रीय चिंताओं के बीच सतर्क रहने का एक संकेत है। यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है, जब सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है। उधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को देशभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल भी रखा है। यह ड्रिल देश के 250 से ज्यादा जिलों में होगा। गृह मंत्रालय  ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह ड्रिल करने का निर्देश दिया है। इसका मकसद देश को आपातकालीन खतरों से निपटने के लिए तैयार करना है।