मॉस्को में गूंजेगी भारत की आवाज़: सांसद चाहर एशियाई संसदीय सभा में करेंगे भारतीय दल का नेतृत्व
आगरा। फतेहपुर सीकरी के सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की लोकतांत्रिक विरासत और सांस्कृतिक गौरव की गूंज पहुंचाने जा रहे हैं। वे रूस की राजधानी मॉस्को में 28 से 31 अक्टूबर तक आयोजित होने जा रही एशियाई संसदीय सभा की सामाजिक एवं सांस्कृतिक मामलों पर स्थायी समिति की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
एशिया के 44 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
यह अंतरराष्ट्रीय समिट एशिया के 44 सदस्य देशों के संसदीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित होगी। भारत की ओर से इसमें पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा, जिसमें तीन सांसद और दो वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इस समिति का मुख्य उद्देश्य एशियाई देशों के बीच संसदीय सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक प्रगति को मजबूत करना है।
भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर रखेंगे विश्व मंच पर
सांसद राजकुमार चाहर इस बैठक में भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं, संसदीय सशक्तता और सांस्कृतिक एकता का संदेश प्रस्तुत करेंगे। वे भारतीय लोकतंत्र की विशेषताओं, संविधान की समावेशी भावना और सांस्कृतिक विविधता में एकता की परंपरा को उजागर करेंगे।
चाहर का कहना है कि भारत वसुधैव कुटुंबकम् की भावना के साथ पूरे एशिया में शांति, संवाद और साझा विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
वैश्विक संबंधों में भारत की भूमिका होगी और सशक्त
एशियाई संसदीय सभा संयुक्त राष्ट्र के बाद विश्व की सबसे बड़ी क्षेत्रीय संसदीय संस्था मानी जाती है, जो एशियाई देशों को साझा मंच पर लाती है।
सांसद राजकुमार चाहर ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने उन्हें इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समिट में भारत का प्रतिनिधित्व करने और नेतृत्व करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि “यह अवसर न केवल व्यक्तिगत गौरव का विषय है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक परंपरा की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक भी है।