इंद्रदेव ने वर्षा जल से प्रभु राम के चरण पखारे, बड़हार की दावत में दिखी भक्ति और उल्लास
आगरा। प्रभु श्रीराम विवाह के पश्चात जब जनकपुरी से अग्रवन पधारे तो स्वागत की अनोखी छटा बिखरी। जनक परिवार ने ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और मंगलगीतों से प्रभु का भव्य स्वागत किया। जैसे ही प्रभु स्वरूपों ने माता जानकी सहित जनसमूह को दर्शन दिए, जयकारों की गूंज से वातावरण गूंज उठा। मानो स्वयं इंद्रदेव भी प्रभु आगमन से प्रसन्न होकर वर्षा जल से उनके चरण धोने उतरे हों। अग्रवन में राजा जनक द्वारा दी गई बड़हार की दावत भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम बनी।
हर वर्ष जनकपुरी महोत्सव में इंद्रदेव का मूसलाधार स्वागत देखने को मिलता है। इस बार आयोजन समिति ने हवन-पूजन कर इंद्रदेव से प्रार्थना की, जिससे प्रभु के विवाह के दौरान मौसम साफ रहा। लेकिन जैसे ही प्रभु राम विवाह के बाद अग्रवन पहुंचे, इंद्रदेव ने वर्षा जल से प्रभु के चरण पखार कर अपनी भक्ति अर्पित की।
अग्रवन में भव्य स्वागत
शुक्रवार को अग्रवन स्थित जनक परिवार राजा जनक राजेश अग्रवाल और महारानी सुनयना श्रीमती अंजू अग्रवाल ने बड़हार की दावत का आयोजन किया। बीएन अग्रवाल, संतोष गुप्ता, तपन अग्रवाल, चंद्रवीर फौजदार और विनय आगरी जब प्रभु स्वरूपों को लेकर अग्रवन पहुंचे तो शहनाई, नगाड़ों और पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत हुआ।
रेड कार्पेट पर मुंबई से आए कलाकारों ने प्रभु राम, माता सीता और अन्य स्वरूपों की आरती की और मंच तक अगवानी की। प्रभु स्वरूपों को देख श्रद्धालुओं में दर्शन और छायाचित्र लेने की होड़ मच गई।
भजनों और वाद्य यंत्रों की रसधारा
दीपक प्रभाकर के निर्देशन में संतूर, जलतरंग, रबाब, बांसुरी और तबले की जुगलबंदी ने भक्ति का वातावरण गहराया। 'बजाओ ढोल स्वागत में हमारे घर राम आए हैं...' गीत पर अनुराज अग्रवाल की नृत्य प्रस्तुति ने समां बांध दिया। महारानी सुनयना अंजू अग्रवाल और संगीता अग्रवाल ने स्वरचित भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं। कुलभूषण गुप्ता ने- भक्तो! पुष्प बरसाओ, मेरे प्रभु राम आए हैं... भजन सुनाकर सबको भावविभोर कर दिया।
दावत और भोग की छटा
मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे थे, वहीं दूसरी ओर बरातियों और घरातियों के लिए कवर्ड हॉल और प्रांगण में बफेट व स्नैक्स की विविधता सजाई गई। प्रभु स्वरूपों के लिए विशेष रूप से सुसज्जित स्थल पर चांदी के बर्तनों में व्यंजन परोसे गए। भक्तों में प्रभु को अपने हाथ से निवाला खिलाने और सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। ब्रज के रसिया! मेरे मन बसिया... भजन ने पूरे वातावरण को भक्ति में डुबो दिया।
भक्ति और उल्लास से भरा आयोजन
जनक परिवार से राजेश अग्रवाल, अंजू अग्रवाल, अनुराज, पलक, पर्व और मलाईका अग्रवाल सहित रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, पार्षद प्रदीप अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, राकेश मंगल, रंगेश त्यागी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन भक्ति, आस्था और लोक-परंपरा का अद्वितीय संगम रहा।