आगरा के एमडी जैन ग्राउंड में इंद्रध्वज महामंडल विधान: भक्ति, श्रद्धा और दिव्यता का अनूठा संगम
आगरा। ताजनगरी का वातावरण इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और दिव्यता से परिपूर्ण है। हरीपर्वत स्थित एम.डी. जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड में चल रहा श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान आध्यात्मिक ऊर्जा और आराधना का केंद्र बन गया है। आचार्यश्री चैत्य सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में यह विशाल धार्मिक आयोजन स्वर्गीय स्वरूपचंद जैन मारसंस की पावन स्मृति को समर्पित है, जिसका आयोजन मारसंस परिवार के विमलेश कुमार जैन, ऊषा जैन, नितिन जैन, मेघना जैन और आदित्य जैन द्वारा 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक किया जा रहा है।

458 चैत्यालयों में विराजमान 458 जिन प्रतिमाएं
विधान स्थल का दृश्य अत्यंत अलौकिक और भव्य है। यहां 458 चैत्यालयों में 458 जिन प्रतिमाएं विराजमान हैं, जो भक्तों के लिए अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभूति का कारण बन रही हैं। प्रातःकाल से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आराधना, अर्घ्य अर्पण और ध्यान में लीन हो जाते हैं।
डॉ. आनंद प्रकाश जैन के निर्देशन में संपन्न हो रहा विधान
कोलकाता से पधारे सुप्रसिद्ध विधानाचार्य डॉ. आनंद प्रकाश जैन के सधे हुए मंत्रोच्चारण और विधिपूर्वक क्रियान्वयन से प्रतिदिन का विधान वातावरण में भक्ति और दिव्यता का संचार कर रहा है। उनके मधुर स्वर और धार्मिक व्याख्यान से श्रद्धालु आत्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं।
आचार्यश्री के प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बनी आकर्षण का केंद्र
प्रतिदिन के कार्यक्रमों में विशेष पूजन, मंगल आरती, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आचार्यश्री चैत्य सागर जी महाराज के प्रेरणादायी प्रवचन प्रमुख आकर्षण हैं। प्रवचनों में आचार्यश्री ने बताया कि “विधान केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और जीवन की दिशा का बोध है।”
आस्था और एकता का प्रतीक बना आयोजन
इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से संपूर्ण आगरा नगरी में शांतिपूर्ण, अनुशासित और आस्थामय वातावरण बना हुआ है। समाज के विभिन्न वर्गों से श्रद्धालु इस पावन विधान में सहभागिता कर जैन संस्कृति की एकता और समरसता का संदेश दे रहे हैं।