पेंशन अपडेट के जाल में फंसे दरोगा, साइबर ठगों ने उड़ाए लगभग 10 लाख
पेंशन अपडेट के नाम पर साइबर ठगों ने एक दरोगा को निशाना बनाते हुए करीब 10 लाख रुपये की ठगी कर ली। 21 दिसंबर को आए संदिग्ध कॉल के बाद APK फाइल इंस्टॉल कराई गई, जिसके जरिए मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया गया। 22 दिसंबर को SBI खाते से 6 बार में 9,98,500 रुपये निकाल लिए गए। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
APK फाइल बनी साइबर हथियार, पुलिस कर्मी भी नहीं बच सके ठगी से
पुलिस की वर्दी भी नहीं रोक सकी साइबर शातिरों को
आगरा। साइबर अपराधियों ने इस बार अपने जाल में एक पुलिस कर्मी को ही फंसा लिया। पेंशन अपडेट के नाम पर भेजी गई एक संदिग्ध APK फाइल ने दरोगा की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दिया। ठगों ने बेहद शातिर तरीके से विश्वास में लेकर करीब 9 लाख 98 हजार 500 रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
21 दिसंबर की कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल
पीड़ित दरोगा के मुताबिक 21 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक/पेंशन विभाग से जुड़ा अधिकारी बताया और पेंशन अपडेट की बात कही। बातों में उलझाकर आरोपी ने एक APK फाइल मोबाइल पर भेजी और उसे इंस्टॉल करने को कहा।
फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल बना ठगों का हथियार
जैसे ही APK फाइल मोबाइल में इंस्टॉल हुई, साइबर ठगों को मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच मिल गई। पीड़ित को भनक भी नहीं लगी और ठगों ने अगले ही दिन अपना खेल शुरू कर दिया।
22 दिसंबर को खाते से 6 बार में निकाले गए पैसे
22 दिसंबर को दरोगा के एसबीआई खाते से अलग-अलग 6 ट्रांजैक्शन में कुल ₹9,98,500 रुपये निकाल लिए गए। जब खाते की जानकारी सामने आई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सेव का बाजार शाखा से जुड़ा बताया जा रहा खाता
ठगी से जुड़ा बैंक खाता सेव का बाजार शाखा का बताया जा रहा है। पुलिस अब इस खाते और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज
पीड़ित दरोगा ने मामले की शिकायत थाना साइबर क्राइम में दर्ज कराई है। पुलिस ने आईटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर ठगी पर फिर अलर्ट की जरूरत
यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी अब बेहद तकनीकी और योजनाबद्ध तरीके से ठगी कर रहे हैं। APK फाइल जैसे खतरनाक माध्यम से न सिर्फ आम लोग, बल्कि कानून के रखवाले भी निशाने पर हैं।