नकली दवाओं का अंतरराज्यीय रैकेट बेनकाब, मुख्य सरगना राजा उर्फ वालियप्पन ने किया सरेंडर

आगरा/पुदुचेरी। देशभर में नकली दवाओं की आपूर्ति करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस रैकेट का मुख्य आरोपी राजा उर्फ वालियप्पन पुदुचेरी की अदालत में सरेंडर कर चुका है। राजा आगरा में दर्ज मुकदमे में लंबे समय से वांछित था। सरेंडर के बाद पुदुचेरी पुलिस ने भी नकली दवाओं के एक अन्य मामले में उसके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले आगरा पुलिस उसके कर्मचारी एके राणा को आगरा लाकर जेल भेज चुकी है।

Dec 19, 2025 - 11:47
Dec 19, 2025 - 11:48
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नकली दवाओं का अंतरराज्यीय रैकेट बेनकाब, मुख्य सरगना राजा उर्फ वालियप्पन ने किया सरेंडर
राजा उर्फ वालियप्पन

बी-वारंट लेकर पुदुचेरी पहुंची आगरा पुलिस, बड़े खुलासों की उम्मीद

आगरा/पुदुचेरी। देशभर में नकली दवाओं की आपूर्ति करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस रैकेट का मुख्य आरोपी राजा उर्फ वालियप्पन पुदुचेरी की अदालत में सरेंडर कर चुका है। राजा आगरा में दर्ज मुकदमे में लंबे समय से वांछित था। सरेंडर के बाद पुदुचेरी पुलिस ने भी नकली दवाओं के एक अन्य मामले में उसके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले आगरा पुलिस उसके कर्मचारी एके राणा को आगरा लाकर जेल भेज चुकी है। 

आरोप है कि राजा ने प्रसिद्ध दवा कंपनी लुपिन (Lupin) सहित अन्य नामी कंपनियों के नाम से नकली दवाएं तैयार कर देशभर में उनकी सप्लाई की। आगरा पुलिस की एक विशेष टीम बी-वारंट लेकर पुदुचेरी पहुंच चुकी है, ताकि आरोपी को कस्टडी में लेकर पूछताछ के लिए आगरा लाया जा सके।

कर्मचारी की गिरफ्तारी से खुली पूरे नेटवर्क की परतें

इस रैकेट का खुलासा तब हुआ, जब राजा के करीबी कर्मचारी ए.के. राणा को आगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। राणा से हुई पूछताछ में उत्पादन, सप्लाई और फंडिंग से जुड़े कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद पुलिस सीधे मुख्य सरगना राजा तक पहुंच सकी।

नुकसान से मुनाफे तक, नकली दवाओं का ‘काला कारोबार’

पूछताछ में राजा ने कबूल किया कि उसने करीब 10 साल पहले दवाओं का कारोबार शुरू किया था। शुरुआती दौर में भारी नुकसान होने के बाद उसने नुकसान की भरपाई के लिए नकली दवाइयां  बनानी शुरू कर दीं। उसने दिल्ली की एक प्रसिद्ध कंपनी के नाम से 16 ब्रांडों की नकली दवाएं तैयार कीं, जिनकी देश के कई राज्यों में आपूर्ति की गई। भारी मुनाफा होने पर यह नेटवर्क तेजी से फैलता चला गया।

16 राज्यों तक फैला नेटवर्क, राजनीतिक संरक्षण के आरोप

राजा के बयान के मुताबिक, ये नकली दवाएं उत्तर प्रदेश, असम, केरल, आंध्र प्रदेश सहित कुल 16 राज्यों में बेची जा रही थीं। उसने यह भी दावा किया कि इस नेटवर्क में बड़ी कंपनियों और एजेंटों की भूमिका रही, वहीं पुदुचेरी के कुछ राजनीतिक दिग्गजों के शामिल होने का भी उसने चौंकाने वाला खुलासा किया है।

सीबीसीआईडी की बड़ी कार्रवाई, फैक्ट्रियां, गोदाम सील

पुदुचेरी की क्राइम ब्रांच-सीआईडी (CBCID) ने अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में राजा, उसका असिस्टेंट विवेक, ए.के. राणा, मैयप्पन और नौ अन्य शामिल हैं। सीबीसीआईडी ने तिरुपुवनई पलयम और मेट्टूपलयम में स्थित नकली दवा बनाने वाली यूनिट्स पर छापेमारी कर फैक्ट्रियां और गोदाम सील किए। इस दौरान कई करोड़ रुपये की मशीनरी और भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद की गईं।

ईडी और जीएसटी की एंट्री, करोड़ों के ट्रांजैक्शन रडार पर

राजा के घर रेड्टियारपलयम में हुई तलाशी में पुलिस को गहने और प्रॉपर्टी से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं। सीबीसीआईडी ने कई करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेज दी है। साथ ही GST विभाग से फैक्ट्री के पिछले तीन वर्षों के टैक्स भुगतान का ब्योरा भी मांगा गया है।

आगरा पुलिस की तैयारी और बड़े खुलासों की उम्मीद

राणा के बाद अब आगरा पुलिस की कोशिश है कि राजा को भी कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ की जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूछताछ में नकली दवाओं के अंतरराज्यीय नेटवर्क, फंडिंग, संरक्षण और बाजार तक पहुंच से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।