सड़क हादसों में घायल व मृतकों के परिजनों को अंतरिम मुआवजा मिले

आगरा। सुप्रीम कोर्ट में आगरा के अधिवक्ता केसी जैन द्वारा दाखिल एक याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं में घायल और मृतकों के परिजनों को अंतरिम मुआवजा देने  की मांग की गई है। याचिका मोटर वाहन अधिनियम की धारा 164A के तहत दायर की गई है, जो केंद्र सरकार को ऐसी मुआवजा योजना लागू करने का निर्देश देती है।

Apr 9, 2025 - 21:25
 0
सड़क हादसों में घायल व मृतकों के परिजनों को अंतरिम मुआवजा मिले

-आगरा के अधिवक्ता केसी जैन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, अगली तारीख 28 अप्रैल

इस याचिका पर न्यायमित्र गौरव अग्रवाल ने भी सहमति जताई और कहा कि ऐसी योजना समय की मांग है। इस याचिका पर अब अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2025 को होगी।

स्पीड गवर्नर लगाने की याचिका पर सख्ती

अधिवक्ता केसी जैन ही एक अन्य याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों से यह रिपोर्ट मांगी है कि उन्होंने परिवहन वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने  के लिए केंद्र की एडवाइजरी पर क्या कदम उठाए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की अगली सुनवाई अब जुलाई 2025 के बाद होगी।

डेटा इंटीग्रेशन की याचिका पर जल्द सुनवाई

अधिवक्ता केसी जैन की ओर से बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, वाहन फिटनेस और स्पीड गवर्नर जैसे विभिन्न पोर्टलों की जानकारियों को ई-चालान सिस्टम से जोड़ने के लिए दायर याचिका पर पहले ही केंद्र सरकार को नोटिस दिया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई जल्द तय करेगा।

सड़क सुरक्षा का विषय एक विभाग तक सीमित नहीं

"सड़क सुरक्षा का विषय केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है। इसमें केंद्र, राज्य सरकारें, ट्रैफिक विभाग, स्वास्थ्य सेवाएं और बीमा कंपनियां शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट की सक्रियता से इन सभी को एक मंच पर लाया जा सकता है। यदि कैशलेस इलाज और मुआवजा योजनाएं पूरे देश में लागू होती हैं, तो हम हजारों जिंदगियां बचा सकते हैं और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देख सकते हैं।"

– के.सी. जैन, याचिकाकर्ता व अधिवक्ता, आगरा।

SP_Singh AURGURU Editor