अंतरराष्ट्रीय सहयोग से खुले ज्ञान के नए क्षितिज: आईवीआरआई में प्रो. श्वेता त्रिवेदी का प्रेरणादायक संवाद

अमेरिका की नॉर्थ कैरोलाइना स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एवं वेटपैक निदेशक डॉ. श्वेता त्रिवेदी ने आईसीएआर–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर, बरेली में विद्यार्थियों, शिक्षकों और वैज्ञानिकों से संवाद कर शिक्षा, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नई दिशा पर सार्थक चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने की।

Nov 12, 2025 - 22:24
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अंतरराष्ट्रीय सहयोग से खुले ज्ञान के नए क्षितिज: आईवीआरआई में प्रो. श्वेता त्रिवेदी का प्रेरणादायक संवाद

-आरके सिंह-

बरेली। आईसीएआर–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर में आयोजित विशेष संवाद सत्र में अमेरिका की नॉर्थ कैरोलाइना स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एवं वेटपैक निदेशक डॉ. श्वेता त्रिवेदी ने कहा कि सीखना एक आजीवन प्रक्रिया है; जब हम यह मान लेते हैं कि हम सब कुछ जान गए हैं, तभी हमारी प्रगति रुक जाती है।

उन्होंने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि दृष्टिकोण को विस्तृत करने की प्रक्रिया है। उन्होंने अमेरिका में विद्यार्थियों के साथ किए गए अपने प्रयोगात्मक एवं अनुसंधानात्मक कार्यक्रमों के अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार उन्होंने वन्यजीव शिक्षा, संरक्षण एवं सामुदायिक सेवा को जोड़कर एक समग्र शिक्षण मॉडल विकसित किया।

डॉ. त्रिवेदी ने भारत, दक्षिण अफ्रीका और मध्य अमेरिका में किए गए शैक्षणिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विद्यार्थियों का दृष्टिकोण व्यापक होता है और वे विश्व के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।

संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि डॉ. श्वेता त्रिवेदी जैसी प्रतिभाशाली पूर्व छात्रा का पुनः अपने संस्थान से जुड़ना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसा संवाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना के अनुरूप है, जो शिक्षा में लचीलापन, बहुविषयकता और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देता है।

उन्होंने आगे कहा कि आईवीआरआई ने हाल ही में एनआईआरएफ और एनएएसी जैसी दो महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं और अब क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग की दिशा में भी अग्रसर है। हमारा लक्ष्य शिक्षा और अनुसंधान प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तथा राष्ट्रीय स्तर पर समावेशी बनाना है।

उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और हितधारक सहभागिता को गुणवत्ता मापने के मुख्य मानदंड बताते हुए कहा कि आने वाले समय में ‘वन नेशन, वन प्लेटफॉर्म’ पर सभी संस्थानों को अपनी उपलब्धियां सार्वजनिक करनी होंगी।

अंतरराष्ट्रीय संबंध प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. जी. तरू शर्मा ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि यह पहल संस्थान की वैश्विक दृश्यता और सहभागिता को बढ़ाने की दिशा में एक नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक मुलाकात नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दीर्घकालिक यात्रा का पहला कदम है।

उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान अब प्रत्येक माह एक ऐसे संवाद सत्र का आयोजन करेगा, जो भौतिक एवं हाइब्रिड दोनों प्रारूपों में होगा।

संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. एस. के. मेंदीरत्ता ने कहा कि डॉ. श्वेता त्रिवेदी की जीवन यात्रा छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने उनकी ईमानदारी, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना की तथा बताया कि उन्होंने न केवल वन्यजीव एवं शरीरक्रिया विज्ञान में, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और करियर विकास जैसे विषयों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।

कार्यक्रम में डॉ. अमरेश कुमार (महानिदेशक, केसीएमटी एवं पूर्व कुलपति, जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय), संस्थान के सभी संयुक्त निदेशक, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक और अधिकारीगण उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor