आगरा कॉलेज में इंटर्नशिप छात्रों ने जाना मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक न्याय और बाल अधिकारों का व्यावहारिक पक्ष
आगरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के तत्वावधान में आगरा कॉलेज में ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण एवं विधिक जागरूकता सत्रों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का पहला सत्र मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय, आगरा के भ्रमण पर केंद्रित रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने संस्था की कार्यप्रणाली को निकट से समझा। यह अनुभव विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य कानूनों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करने हेतु उपयोगी रहा।
इसके उपरांत महिला सशक्तिकरण के सन्दर्भ में लैंगिक न्याय विषय पर आगरा कॉलेज के फैकल्टी ऑफ लॉ के कृष्णवीर यादव ने प्रभावशाली व्याख्यान दिया। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, विधिक संरक्षण और लैंगिक समानता के कानूनी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अगले सत्र में एडीजे/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम), न्यायालय संख्या 29, आगरा दिनेश कुमार चौरसिया ने पॉक्सो अधिनियम की प्रमुख धाराओं, व्यावहारिक पहलुओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति विधिक दृष्टिकोण को प्रतिभागियों के साथ साझा किया।
इस आयोजन में अरुण कुमार दीक्षित, कोऑर्डिनेटर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सक्रिय भूमिका उल्लेखनीय रही। वहीं डॉ. मदन मोहन शर्मा ने छात्रों को नई दिशा दी।
अंत में डॉ. दिव्यानंद द्विवेदी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा ने कहा, ऐसे विधिक जागरूकता कार्यक्रम छात्रों को न केवल व्यावहारिक ज्ञान देते हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील भी बनाते हैं। मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक न्याय और बाल अधिकार जैसे विषय आज के युग में अत्यंत आवश्यक हैं। प्राधिकरण ऐसे प्रयासों से विधिक शिक्षा और जन-जागरूकता को लगातार बढ़ावा देता रहेगा।