ट्रंप की हत्या करना चाहता है ईरान! इस्राइल की खुफिया चेतावनी से अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई खुफिया जानकारी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि इस्राइल ने अमेरिका के साथ ऐसी खुफिया सूचना साझा की है, जिसमें कहा गया है कि ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है। यदि इस खुफिया सूचना की पुष्टि होती है, तो यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव पहले से चरम पर है और एक-दूसरे के ठिकानों पर हवाई कर रहे हैं।

Jul 10, 2026 - 12:02
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ट्रंप की हत्या करना चाहता है ईरान! इस्राइल की खुफिया चेतावनी से अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइली सरकार ने हाल ही में अमेरिकी प्रशासन के साथ ऐसी खुफिया जानकारी साझा की है, जिसमें ईरान की ओर से डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है। इस सूचना के बाद अमेरिकी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां संभावित खतरे को लेकर सतर्क हो गई हैं।

सीएनएन ने भी रिपोर्ट की पुष्टि का किया दावा

अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन ने भी दावा किया है कि इसी सप्ताह इस्राइल ने अमेरिका को यह खुफिया सूचना उपलब्ध कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस संभावित खतरे का गंभीरता से आकलन कर रही हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस्राइली खुफिया एजेंसियां ट्रंप के ईरान से जुड़े निर्णयों को प्रभावित करने के उद्देश्य से भी ऐसा आकलन पेश कर सकती हैं।

सुलेमानी की हत्या के बाद से ट्रंप निशाने पर

रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) की कुद्स फोर्स ने अपने पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने की कसम खाई हुई है।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान अमेरिका ने ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। इस सैन्य कार्रवाई का आदेश स्वयं ट्रंप ने दिया था। इसी कारण आईआरजीसी ट्रंप को सुलेमानी की मौत के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार मानती है।

खामेनेई की मौत के बाद और बढ़ा खतरा

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को हुए अमेरिकी हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ट्रंप कथित रूप से ईरान के चरमपंथी तत्वों की हिटलिस्ट में पहले स्थान पर बताए जा रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में इस्राइल की ओर से साझा की गई खुफिया सूचना को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

ट्रंप पहले भी जता चुके हैं जान का खतरा

डोनाल्ड ट्रंप स्वयं भी कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि ईरान से उनकी जान को खतरा है। तुर्किए की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा था, वे अमेरिकी नेताओं की जान लेना चाहते हैं और मुझे भी मारना चाहते हैं। मैं उनकी हिटलिस्ट में सबसे ऊपर हूं। अब तक मैं भाग्यशाली रहा हूं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि किस्मत हमेशा साथ दे।

रिपोर्ट के अनुसार, नाटो सम्मेलन से लौटते समय सुरक्षा कारणों से ट्रंप ने अपने नियमित विमान के बजाय दूसरे विमान का उपयोग किया था। आशंका जताई गई थी कि ईरान की ओर से मिसाइल हमले का खतरा हो सकता है।

तनावपूर्ण माहौल में बढ़ी सतर्कता

इस्राइल की ओर से साझा की गई इस खुफिया सूचना ने अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, फिलहाल इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस और सुरक्षा चिंताएं पैदा कर दी हैं।

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SP_Singh AURGURU Editor