इस्कॉन आगरा व द आगरा जैमिंग क्लब का भक्ति–संगीत संगम, सैकड़ों श्रद्धालु हरिनाम में डूबे, बांके बिहारी भक्त मंडल की श्याम भजन संध्या में साधु सेवा, फूलों की होली और संकीर्तन
आगरा। नव वर्ष के आगमन को केवल कैलेंडर परिवर्तन नहीं, बल्कि आत्मिक नवचेतना का उत्सव बनाते हुए द आगरा जैमिंग क्लब एवं इस्कॉन आगरा के संयुक्त तत्वावधान में अमर विहार, दयालबाग स्थित मित्तल मेंशन में भव्य भजन एवं कीर्तन जैम का आयोजन किया गया। यह आयोजन भक्ति, संगीत और अध्यात्म का ऐसा संगम बना, जिसमें सैकड़ों श्रीकृष्ण भक्त भाव-विभोर होकर हरिनाम संकीर्तन में लीन हो गए। इसके साथ ही बिहारी भक्त मंडल के तत्वावधान में रामलीला मैदान स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर में भव्य खाटू श्याम भजन संध्या एवं साधु सेवा का आयोजन किया गया।
जैसे ही ‘हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे, हरे रामा हरे रामा, रामा रामा हरे हरे’ का सामूहिक उच्चारण गूंजा, पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया। मृदंग, करताल और हारमोनियम की सजीव संगत के साथ प्रारंभ हुए संकीर्तन ने उपस्थित श्रद्धालुओं के मन-मस्तिष्क को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। राधा–कृष्ण की लीलाओं और नाम-स्मरण पर आधारित भजनों ने मन, बुद्धि और आत्मा को एक सूत्र में बांध दिया।
इस भक्तिमय संध्या में युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन, सभी ने एक स्वर में संकीर्तन करते हुए नव वर्ष का स्वागत किया। कीर्तन जैम केवल संगीत कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि वह सामूहिक साधना, आनंद और आत्मिक शांति का सजीव अनुभव बन गया।
आयोजक अशु मित्तल ने कहा कि नव वर्ष का सर्वोत्तम स्वागत भगवान श्रीकृष्ण के नाम-स्मरण और संकीर्तन से ही संभव है। जब संगीत भक्ति से जुड़ता है, तब वह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि का माध्यम बन जाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज और विशेषकर युवाओं को सकारात्मक व आध्यात्मिक दिशा देना ही हमारा उद्देश्य है।
इस्कॉन आगरा के अरविंद प्रभु जी ने कहा कि हरिनाम संकीर्तन कलियुग का सबसे सरल, सुलभ और प्रभावी साधन है। श्रीकृष्ण के नाम-स्मरण से मन में शांति, हृदय में प्रेम और जीवन में संतुलन आता है। यदि नव वर्ष की शुरुआत हरिनाम से हो, तो पूरा वर्ष प्रभु की कृपा और आनंद से परिपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सामूहिक संकीर्तन से आपसी प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक एकता का भाव प्रबल होता है, जो आज के तनावपूर्ण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम का सफल संयोजन आर्या गर्ग एवं रिया अग्रवाल द्वारा किया गया। अंत में श्रद्धालुओं ने भक्ति-संगीत और हरिनाम संकीर्तन के माध्यम से नव वर्ष को आध्यात्मिक उल्लास के साथ अंगीकार किया।
Top of Formश्रीराम-हनुमान मंदिर में खाटू श्याम भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु

श्रीराम-हनुमान मंदिर में खाटू श्याम भजन संध्या की एक झलक।
आगरा। भक्ति, सुगंध और सेवा तीनों का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब बांके बिहारी भक्त मंडल के तत्वावधान में रामलीला मैदान स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर में भव्य खाटू श्याम भजन संध्या एवं साधु सेवा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मयंक अग्रवाल, उमेश अग्रवाल एवं नितिन अग्रवाल द्वारा बांके बिहारी जी के समक्ष पावन ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद भक्ति की स्वर-लहरियों ने ऐसा समां बांधा कि पूरा परिसर श्याममय हो गया।
हाथरस से पधारे सुप्रसिद्ध भजन गायक बैजू सनम ने जैसे ही भक्ति के स्वर छेड़े- “मैं हूं तेरा नौकर, तेरी हाजिरी रोज बजाता हूं”, “भूला नहीं हूं बाबा तेरी कृपा”, “जिसकी नैया श्याम भरोसे”—श्रद्धालु झूमते नजर आए। वहीं भजन गायिका गुंजन उपाध्याय ने “श्याम हारे के सहारे”, “तेरे बिन किसे पुकारें” जैसे भजनों से देर रात तक भक्तों को संकीर्तन में बांधे रखा। स्थानीय भजन गायक अंकित लवानिया और अनूप गोयल ने भी अपनी प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा ब्रज की फूलों की होली और मयूर नृत्य रही, जिसने श्याम दरबार को साक्षात ब्रजभूमि का स्वरूप दे दिया। बेंगलुरु से मंगाए गए सुगंधित फूलों और इत्र से श्याम बाबा का दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को अलौकिक अनुभूति कराई।
सेवा भाव को साकार करते हुए 51 साधुओं एवं जरूरतमंदों को कंबल, टोपा, दस्ताने आदि उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में श्याम रसोई का आयोजन हुआ, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर भक्ति लाभ प्राप्त किया। महाआरती के साथ भजन संध्या का भावपूर्ण समापन हुआ।
इस अवसर पर नरेश शर्मा, अनूप शर्मा, संजीव खंडेलवाल, संजय जैन, दीपू अग्रवाल, श्याम मोहन गुप्ता, गोपाल दास सेठी, दीपक अग्रवाल, धर्मेश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।